प्रयागराज (राजेश सिंह)। जनपद के बड़े बकाएदार अब फाइलों से बाहर निकाले जाएंगे। ऐसे नामों को सार्वजनिक किया जाएगा। हर सप्ताह बकाएदारों की कुर्की की जाएगी। उनका खाता भी सीज किया जाएगा। कुल लगभग 135 करोड़ रुपये के राजस्व बकाए को लेकर जिला प्रशासन सख्त कदम उठाने जा रहा है।
बकाएदारों पर शिकंजा कसा जाएगा
वार्षिक राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति के लिए इन बकाएदारों पर शिकंजा कसा जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा सभी तहसीलों में बड़े बकाएदारों के नाम सार्वजनिक करने के लिए बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे आमजन को जानकारी मिल सके और बकाएदारों पर सामाजिक दबाव भी। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से स्वैच्छिक भुगतान में तेजी आएगी। तहसीलों में अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं।
एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदारों को लक्ष्य
एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदारों के लिए हर माह का लक्ष्य दिया जाएगा। लक्ष्य के मुताबिक राजस्व वसूली की माह में दो बार समीक्षा की जाएगी। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि विकास कार्यों के लिए राजस्व वसूली अत्यंत आवश्यक है। जिन बकाएदारों पर ज्यादा राशि बकाया है, वे स्वेच्छा से भुगतान करें, अन्यथा नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शत्रु संपत्तियों का मूल्यांकन करेगा गृह मंत्रालय
जिले में शत्रु संपत्तियों का गृह मंत्रालय मूल्यांकन करेगा। प्रयागराज में कुल 126 शत्रु संपत्तियां हैं जिनकी कीमत 2250 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसका अब फिर से मूल्यांकन किया जाएगा। इस मूल्यांकन में कीमत तथा सर्वे के दौरान इन संपत्तियों पर निर्माण तथा अन्य गतिविधियों का उल्लेख किया जाएगा। दरअसल, सर्किल रेट बढ़ने के बाद इन संपत्तियों का मूल्यांकन आवश्यक माना गया है। शहर में इन संपत्तियों का क्षेत्रफल काफी बड़ा है। मुख्य शहर के साथ ही पुराने शहर में एक-एक संपत्तियां 10-12 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की हैं। मंत्रालय की टीम होली के त्योहार बाद आएगी।
