Ads Area

Aaradhya beauty parlour Publish Your Ad Here Shambhavi Mobile Aaradhya beauty parlour

होली में रंग-गुलाल खेलने के हैं बड़े फायदे: सतीश राय

sv news

प्रमुख चिकित्सा पद्धतियों में है कलर थेरेपी, हर रंग का है जीवन में महत्व

प्रयागराज (राजेश सिंह)। हमारे त्योहार शरीर को निरोध रखने में सहायक होते हैं। होली पर सबको रंग-गुलाल जरूर खेलना चाहिए, इसके कई फायदे भी हैं। कलर थेरेपी में शरीर पर रंग लगा कर रोगों का उपचार किया जाता है। हां केमिकल युक्त रंगों के प्रयोग से बचना भी जरूरी है। 

लाल रंग मानसिक रोग व सिरदर्द में कारगर

लाल रंग से कफ रोग ठीक होता है इससे मानसिक रोग व सर दर्द में लाभ मिलता है। नारंगी रंग से मांसपेशियों को मजबूती, कफ, सर्दी- जुकाम में लाभ मिलता है। पीला रंग पाचन संबंधित समस्याएं दूर करता है। हरा रंग से मन प्रसन्न रहता है तो आसमानी रंग शरीर में शीतलता प्रदान करता है। नीला रंग शांति प्रदान करने के साथ गर्मी के सभी रोगों को नष्ट करता है। बैगनी रंग से खून की कमी दूर होती है ।

सूर्य की किरणों में है सात रंग

सतीश राय ने कहा भारत में प्रमुख चिकित्सा पद्धतियों में रंग चिकित्सा का भी नाम है हजारों वर्ष पूर्व महर्षि चरक भी सूर्य की रोशनी से कई बीमारियों का इलाज करते थे। सूर्य की किरणों में सात रंग हैं। बारिश के मौसम में जब बिजली चमकती है उस समय इंद्रधनुष में इन सात रंगों को अपनी नंगी आंखों से देख सकते हैं।

शरीर में प्रमुख सात चक्र होते हैं 

उन्होंने बताया कि हमारे शरीर में भी प्रमुख सात चक्र ( सहस्रार,आज्ञा, कंठ, हृदय, मणिपुर, स्वाधिष्ठान एवं मूलाधार चक्र) होते हैं। इन चक्रों के रंग भी क्रमशः बैगनी, नीला, आसमानी, हरा, पीला, नारंगी और लाल रंग होते हैं। चक्रों का रंग भी सूर्य के किरणों से मेल खाता है, इसलिए सूरज की रोशनी हमें एनर्जी देती है।

पीले रंग से ठीक होती है पेट की बीमारियां

सतीश राय ने कहा कि रंग चिकित्सा में यह माना जाता है कि शरीर के जिस चक्र में रंग की कमी हो जाती है उससे संबंधित अंगों में रोग उत्पन्न होता है। यदि किसी तरह उस अंग से संबंधित रंग की कमी को दूर कर दिया जाए तो रोग भी ठीक हो जाएगा। रंग चिकित्सा इसी पर आधारित है। किसी के पेट में प्रॉब्लम है तो उसका मणिपुर चक्र कमजोर है और उसके शरीर में पीले रंग की कमी है। उस रंग से संबंधित फल सब्जियों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें, पीले रंग के कपड़े ज्यादा से ज्यादा पहने लाभ होगा। पीला रंग हारमोंस में वृद्धि भी करता है। यह पाचन क्रिया को भी ठीक करता है। इससे पेट से संबंधित सभी तरह के रोगों में लाभ होता है।

कलर थेरेपी का जीवन में होता हैं रोज उपयोग

सतीश राय ने कहा कि शरीर में जिन रंगों की कमी होती है व्यक्ति उस रंग की तरफ ज्यादा आकर्षित होता है। रोजमर्रा की जिंदगी में जाने अनजाने हम अक्सर कलर थैरेपी का इस्तेमाल करते हैं। जैसे अलग-अलग रंगों के फल सब्जी खा रहे हैं, कपड़े पहन रहे हैं, इससे हमें अलग-अलग तरह की एनर्जी रोज मिलती रहती है।

शरीर पर रंग लगने के फायदे

सतीश राय ने आगे कहा शरीर पर रंग लगने के कई फायदे हैं। इससे शरीर और मन दोनों स्वस्थ एवं शांत होते हैं। रंगों के इस्तेमाल से डिप्रेशन और तनाव जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। हरा रंग डिप्रेशन में लाभ देता है। रंग हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरुवार को पीले रंग के कपड़े पहनने से जाने अनजाने अपने बृहस्पति ग्रह को मजबूत बनाते हैं। अक्सर लोग विशेष मौकों पर कोई खास रंग के कपड़े पहनना पसंद करते हैं। आप भी अपने लकी नंबर रंग के कपड़ों की पहचान कर अपने भाग्य को मजबूत कर सकते हैं ।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Top Post Ad