प्रयागराज (राजेश सिंह)। मेजा के कोहड़ार घाट स्थित मेजा ऊर्जा निगम पर खनन विभाग का लगभग 36 करोड़ रुपये का बकाया है, जिस पर विभाग की रिपोर्ट पर तहसील प्रशासन ने निगम की आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) काट दिया है। निर्धारित समय पर धनराशि न जमा हुई तो प्रशासन की ओर से आगे सख्त कार्यवाही की जाएगी।
मेजा ऊर्जा निगम कोहड़ार घाट एनटीपीसी लिमिटेड और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड का यह संयुक्त उपक्रम है। निगम 1320 मेगावाट की ताप विद्युत परियोजना का संचालन करता है। ऊर्जा सुरक्षा में यह प्लांट महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आरसी काटने के पहले निगम को पिछले लगभग 10-11 वर्षों में 100 से ज्यादा नोटिस भेजा जा चुका है। खनन विभाग के मुताबिक प्लांट निर्माण के दौरान निगम ने लगभग 55 लाख घन मीटर खनिज का उपयोग किया है, जिसमें गिट्टी और पत्थर शामिल है।
ज्येष्ठ खान अधिकारी केके राय ने बताया कि इसकी रायल्टी का भुगतान बकाया चला आ रहा है, जिसकी आरसी काटी गई है। हालांकि निगम ने थोड़ा-थोड़ा कर शुरुआत में लगभग तीन करोड़ रुपये जमा किया है मगर पूरे भुगतान को लेकर शासन स्तर पर कवायद तेज हुई तो आरसी काटी गई।
इस बाबत निगम के एजीएम एचआर विवेक चंद्रा का कहना है कि खनन विभाग को सर्वे रिपोर्ट के अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इसके आधार पर बोर्ड से स्वीकृति ली जाएगी, फिर भुगतान कराने की कोशिश शुरू होगी। इस बाबत तहसील और जिला प्रशासन तथा खनन विभाग के अधिकारियों से कई बार वार्ता भी हुई है। इसके साथ ही इस प्रकरण को मंडलायुक्त न्यायालय में भी ले जाया गया है।
मेजा क्षेत्र में लगभग पौने दो करोड़ रुपये के बकाए पर छह खनन पट्टों के दो प्रोपराइटर की भी आरसी काटी गई है। इसमें लगभग 1.27 करोड़ के बकाए पर महीप कांस्ट्रक्शन के महीप सिंह निवासी बिसेन का पूरा उरुवा, मेजा तथा लगभग 82 लाख के बकाए पर जय मां आदि ग्रुप की रेनू पत्नी सत्येंद्र कुमार निवासी दरी, मेजा की आरसी काट दी गई है।
