प्रयागराज (राजेश सिंह)। पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने देश के विभाजन का जिम्मेदार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को बताया है। बोले, वह चाहते तो देश विभाजित न होता। देश का विभाजन रोका जा सकता था, लेकिन उस दिशा में प्रयास नहीं हुआ।
जब विभाजन स्वीकार कर लिया तो सारे मुसलमानों को पाकिस्तान भी नहीं जाने दिया। इसकी वजह से देश कई संकट से जूझ रहा है। शिवगंगा आश्रम झूंसी में प्रवास कर रहे शंकराचार्य ने रविवार को भक्तों को संबोधित करते हुए जब बंटवारा स्वीकार कर लिया था तो मुसलमानों को भारत में रोकने का कोई औचित्य नहीं है।
उत्तराखंड के चार धामों में गैर हिंदुओं का प्रवेश रोकने को लेकर उठ रही मांग पर कहा, देश में रहीम, रसखान और अब्दुल कलाम जैसे लोग भी थे, जिनका सम्मान होता है।
अच्छे विचार रखने वालों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन कोई गलत मंशा से कहीं जाता है तो उसे रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने अधिकार की सीमा में रहना चाहिए। सद्गुण से ही मनुष्य का जीवन आगे बढ़ सकता है।
मनुष्य को कर्म करना चाहिए। सदकर्म से अर्जित किया गया धन परिवार को सुख प्रदान करता है। गलत ढंग से अर्जित धन से मनुष्य को हमेशा दु:ख ही मिलता है। कहा कि शिक्षा के साथ ही संस्कार भी जरूरी है। शास्त्र के अनुसार किया गया कार्य हमेशा सफल होता है। इसलिए मनुुष्य को शास्त्र के अनुसार ही कोई कार्य करना चाहिए।
