प्रयागराज (राजेश सिंह)। मीरजापुर और मध्य प्रदेश के जंगलों को छोड़कर तेंदुओं ने संगम नगरी की तरफ रुख कर लिया है। आपसी संघर्षों व द्वंद के चलते अपना प्राकृतिक वास छोड़कर यह प्रयागराज में नया ठिकाना तलाश रहे हैं। यहां की तराई और पहाड़ी इलाकों वाले जंगल इन्हें खूब रास आ रहे हैं। यही कारण है कि इन दिनों प्रयागराज में तेंदुओं की आमद अधिक हो रही है।
पहले बहादुरपुर अब मांडा क्षेत्र में दिखा तेंदुआ
मध्य प्रदेश, मीरजापुर व चित्रकूट के जंगल तेंदुओं का स्थायी व प्राकृतिक वास हैं। पहले प्रयागराज में साल दो साल में एक बार इनकी झलक दिखती थी। अब यह घटनाक्रम बढ़ते जा रहे हैं। तीन महीने पहले बहादुरपुर के छिवैया गांव से एक तेंदुआ पकड़ा गया था। इसने करीब एक साल तक गंगा की तराई में राज किया। अब मांडा क्षेत्र के दिघिया में बुधवार-गुरुवार की रात एक तेंदुआ की लाश मिली। सड़क हादसे में उसकी जान गई थी।
क्या कहते हैं वन विभाग के अधिकारी
यह दोनों घटनाएं बताती हैं कि किस तरह तेंदुआ प्रयागराज की तरफ रुख कर रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि तेंदुआ कभी झुंड में नहीं रहते। एक से डेढ़ साल की उम्र के बाद यह परिवार छोड़ देते हैं। शिकार व जंगल में अपनी पैठ बनाने के लिए दूसरे तेंदुओं व बाघों से संघर्ष करना पड़ता है। इसमें हारने वाला तेंदुआ वह इलाका छोड़ देता है।
एमपी की पहाड़ी प्रयागराज से सटी है
इधर, मध्य प्रदेश (एमपी) व चित्रकूट के संरक्षित क्षेत्रों में तेंदुओं की संख्या काफी बढ़ी है। ऐसे में संघर्ष भी बढ़ रहे हैं। मध्य प्रदेश के जंगल व पहाड़ियां प्रयागराज के कोरांव के जंगल व पहाड़ियों से जुड़े हुए हैं। तेंदुए सुरक्षित ठिकाने की तलाश में इसी रास्ते से प्रयागराज की तरफ बढ़ रहे हैं।
ग्रामीणों को कर रहे हैं जागरूक
तेंदुओं की बढ़ती चहलकदमी को लेकर वन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। कोरांव, मेजा, हंडिया सहित हर रेंज में टीमों की निगरानी बढ़ा दी गई है। मध्य प्रदेश की सीमा से सटे इलाकों में खास नजर रखी जा रही है। यही नहीं अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा स्थानीय लोगों को तेंदुए से बचने के तौर तरीकों को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
तेंदुए प्रयागराज की तरफ आ रहे : डीएफओ
डीएफओ अरविंद कुमार यादव का कहना है कि वन्य जीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। इसी का प्रभाव है कि मध्य प्रदेश और चित्रकूट के जंगलों में तेंदुओं की संख्या बढ़ गई है। यही तेंदुए प्रयागराज की तरफ आ रहे हैं।
