प्रयागराज (राजेश सिंह)। पूर्व सैनिक का शांतिभंग में चालान के लिए ले जाते समय थाने के बाहर पिछले दिनों हंगामा हुआ था। इसका वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित हुआ था। इस मामले में चौकी प्रभारी गंगोत्री नगर शिवजी गुप्त और दारोगा आशीष यादव गुरुवार को लाइन हाजिर कर दिए गए। मामले की जांच एसीपी करछना को सौंपी गई है।
बीते 27 मार्च को पुलिस ने मध्य प्रदेश के रीवा जिला स्थित सरई गांव निवासी पूर्व सैनिक दिलीप कुमार सिंह पुत्र स्व. रमेश सिंह हाल पता नैनी थाना क्षेत्र के चाका शक्तिनगर कालोनी को पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसे न्यायालय में पेश करने से पहले मेडिकल के लिए सीएचसी चाका ले जाने के लिए पुलिस टीम थाने से निकली थी।
इसी दौरान थाने के सामने ही आरोपित के परिवार वालों ने पुलिस पर गलत कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। सिपाही गोपाल चाहर की वर्दी फाड़ी गई थी और दारोगा अंकित का नेमप्लेट नोच कर फेंक दिया गया था। चौकी प्रभारी गंगोत्री नगर शिवजी गुप्ता की तहरीर पर दिलीप कुमार, उसकी पत्नी रीना सिंह और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस मामले के पिछले दिनों दो वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था, जिसकी सत्यता की पुष्टि सूरज वार्ता नहीं करता। एक वीडियो 44 सेंकेंड का और दूसरा 34 सेंकेंड का प्रसारित था। इसमें पूर्व सैनिक घायल अवस्था में जमीन पर बैठा नजर आ रहा है।
इस संबंध में पूर्व सैनिकों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधिकारी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी। मामले की जांच एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह को सौंपी गई है। बताया कि उक्त प्रकरण में फिलहाल चौकी प्रभारी गंगौत्री नगर शिवाजी गुप्ता एवं दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

