फिर भी कई स्कूलों को 10 छात्र भी नहीं मिल सके
प्रयागराज (राजेश सिंह)। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में वर्तमान सत्र में अब तक 50676 छात्र-छात्राओं का पंजीयन हो चुका है। पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक प्रवेश का क्रम सितंबर तक चलता रहेगा। यहां नामांकन कराने वाले विद्यार्थियों को कॉपी, किताब, बस्ता सहित अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके बाद भी बहुत से स्कूल ऐसे हैं, जहां 10 नए विद्यार्थी भी प्रवेश लेने नहीं पहुंचे हैं। कोरांव विकासखंड में ऐसे 97 स्कूल चिह्नित हुए हैं।
शिक्षकों का मई माह का वेतन रोका
सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों व अन्य स्टाफ को नामांकन में रुचि न लेने के आरोप में नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है। यहां के शिक्षकों का मई महीने का वेतन भी रोक दिया गया है। खंड शिक्षाधिकारी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कक्षा एक व कक्षा छह में नए प्रवेश न होने का सीधा अर्थ है कि शिक्षकों ने रुचि नहीं ली। इनमें 20 कंपोजिट स्कूल, छह उच्च प्राथमिक और 71 प्राथमिक स्तर के विद्यालय हैं।
11 स्कूलों में कक्षा 1 में एक भी नया पंजीयन नहीं
खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी स्कूलों की सूची के अनुसार 11 ऐसे स्कूल हैं, जहां कक्षा एक में एक भी नया पंजीयन नहीं हुआ है। कक्षा छह में शून्य प्रवेश वाले स्कूलों की संख्या कोरांव विकासखंड में 92 है। अन्य विकासखंड में भी इस तरह के स्कूलों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
पंजीयन को रिकार्ड स्तर पर ले जाने का प्रयास रू बीएसए
बीएसए अनिल कुमार का कहना है कि वर्ष 2024-25 में परिषदीय विद्यालयों में 35152 छात्र छात्राओं ने प्रवेश लिया था। वर्ष 2025-26 में यह संख्या 87429 हो गई थी। प्रयास है कि इस बार पंजीयन को रिकार्ड स्तर पर ले जाया जाए। स्कूलों में व्यापक बदलाव और सुधार की प्रक्रिया भी चल रही है। कोशिश है कि सभी बेसिक स्कूलों का शैक्षिक स्तर सुधरे और पठन पाठन का अच्छा वातावरण बने।
बीएसए ने बताया कि जल्द ही डीबीटी की राशि भी बच्चों के खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे पहले यू डायस पर पंजीयन, स्कूलों में बच्चों के प्रोग्रेशन आदि की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। शासन स्तर से निर्देश है कि सभी लोग अपने आसपास देख लें कि यदि कोई बच्चा किसी कारण से स्कूल न जा रहा हो तो उसकी समस्या का समाधान करते हुए स्कूलों में नामांकन कराया जाए। स्कूल छोड़ चुके बच्चों को भी आपरेशन शारदा के तहत विद्यालयों से जोड़ा जा रहा है।
