प्रयागराज (राजेश सिंह)। गंगा दशहरा 26 मई से पावन संगम पर भी वाराणसी और हरिद्वार की तर्ज पर भव्य व दिव्य आरती का शुभारंभ किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यह आरती फ्लोटिंग जेटी पर होगी, जबकि मोटर बोट पर सवार होकर श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में शामिल हो सकेंगे।
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी तट पर वर्ष पर्यंत विशेष धार्मिक कार्य की ओर कदम बढ़ाते हुए प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने कदम उठाया है। यह आयोजन न सिर्फ मनमोहक दृश्य वाला होगा, बल्कि मंत्रोच्चार व दीपों के बीच धार्मिक और भक्तिपूर्ण माहौल भरा होगा।
संगम तट पर आरती के लिए फ्लोटिंग रहेगी, जिस पर पुरोहितगण गंगा की आरती उतारेंगे और सामने स्टीमर, मोटर बोट तथा अन्य नावों पर श्रद्धालुजन होंगे। लगभग 40 मिनट के इस आयोजन की भव्यता और दिव्यता बढ़ाने के लिए हर कोशिश की जा रही है।
संगम के पास रामघाट तथा उसके पास में और अरैल तट पर प्रतिदिन शाम को आरती का आयोजन होता है। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि गंगा दशहरा से संगम पर आरती का आयोजन शुरू कराया जाएगा, फिर भविष्य में इसे और भव्य बनाया जाएगा।
यह आरती प्रतिदिन शाम को सूर्यास्त के समय लगभग छह-सात बजे होगी। पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए आरती के साथ मंत्रोच्चार, शंख ध्वनि और गंगा मैया की स्तुति से आध्यात्मिक माहौल बनाया जाएगा।
