प्रयागराज (राजेश सिंह)। ग्वालियर रेलवे स्टेशन (मध्य प्रदेश) पर कोच की रूटीन जांच के दौरान ग्वालियर-प्रयागराज एक्सप्रेस के कोच में विशालकाय कोबरा सर्प दिखने खलबली मच गई। सीएंडडब्ल्यू स्टाफ ने कोच की सफाई के दौरान बेसिन के नीचे कुछ असाधारण गतिविधि देखी तो वह ठिठक गए। सघन चेकिंग के दौरान बेसिन के नीचे विशालकाय कोबरा छिपा था। कोबरा को रेस्क्यू करके उसे उसके प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया गया। इस घटना को देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। यात्रियों के लिए यह एक रोमांचक और अविस्मरणीय सफर बन गया। घटना का वीडियो सोशल मीडियापर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग सफाई स्टाफ की पैनी नजर की सराहना कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर 11801 ग्वालियर-प्रयागराज एक्सप्रेस के रूटीन साफ-सफाई के दौरान कोच और वैगन (सीएंडडब्ल्यू) के कर्मचारी एक जनरल कोच में पानी का लेवल चेक कर रहे थे, तभी उन्हें कुछ अजीब लगा। ऐसा लग रहा था कि एक बहुत ज़हरीला स्पेक्टेकल्ड कोबरा (नाग) छिपा है। प्लेटफॉर्म के पास खुदाई वाली जगह से रेंगकर वह कोच के अंदर पहुंच गया है।
शक को नजरअंदाज करने के बजाय सतर्क कर्मचारियों ने तुरंत कोच की तलाशी शुरू कर दी। शुरू में कुछ दिखाई नहीं दिया, लेकिन टॉर्च से वॉशबेसिन के नीचे बारीकी से जांच करने पर थोड़ी हलचल दिखी। वह खतरनाक कोबरा कोच के वॉशबेसिन पैनल के नीचे छिप गया था।
आरपीएफ के जवानों और रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में वॉशबेसिन के नीचे का पैनल सावधानी से हटाया गया, जिसके नीचे से एक बड़ा कोबरा बाहर निकला, जिससे वहां खलबली मच गई। उसे देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। सीट पर पैर लटका कर बैठे यात्रियों ने अपने पैर ऊपर कर लिए कि कहीं कोई और सर्प न कोच में घुसा हो।
सांप को सुरक्षित रूप से कोच से बाहर निकाला गया। डंडों और लकड़ी के खंभों की मदद से उसे पटरियों से दूर ले जाया गया और बाद में उसे बिना कोई नुकसान पहुंचाए उसके प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया गया। कर्मचारियों की पैनी नजर और तेजी से की गई कार्रवाई की बदौलत जहरीले नाग का सफर ट्रेन के सफर से पहले ही खत्म हो गया। इस बारे में उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर अमित मालवीय का कहना है कि ग्वालियर स्टेशन के यार्ड में जब ट्रेन खड़ी थी तो सुबह ही रेलवे स्टाफ को सांप दिखा उसके बाद उसे रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया।
