प्रयागराज (राजेश सिंह/श्रीकान्त यादव)। प्रयागराज में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव रत्नेश यादव की मौत हो गई। उनकी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गई। इस भयावह हादसे में कार में सवार उनके तीन अन्य दोस्त भी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस इसे सड़क दुर्घटना मान रही है लेकिन रत्नेश के भाई ने सिर पर गहरी चोट का हवाला देते हुए हत्या की आशंका जताई है।
हंडिया थाना क्षेत्र के दुमदुमा गांव के रहने वाले रत्नेश यादव राजनीति के साथ साथ प्रिंटिंग का बिजनेस भी करते थे। शहर में उनकी अपनी प्रिंटिंग प्रेस थी। बुधवार रात काम खत्म करने के बाद वह अपने तीन दोस्तों के साथ सिविल लाइंस क्षेत्र गए थे। रात करीब 1 बजे दोसा प्लाजा चौराहे के पास उनकी ब्रेजा कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। घटना के वक्त कार उनका दोस्त चला रहा था और रत्नेश आगे वाली सीट पर बैठे थे। हादसे के दौरान कार का एयरबैग भी नहीं खुला।
मृतक सपा नेता के छोटे भाई मिथलेश ने इस हादसे को संदिग्ध बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। मिथलेश ने बताया कि बुधवार शाम 7 बजे रत्नेश के पास किसी का फोन आया था। उसने रात 11 बजे मिलने की बात कही थी। रात 11 बजे रत्नेश ने रेस्टोरेंट वाले को फोन कर चार प्लेट डोसा तैयार रखने को कहा था। इसके बाद वह अपनी कार से रेस्टोरेंट पहुंचे और डोसा गाड़ी में ही मंगवा लिया।
मिथलेश का साफ कहना है कि उनके भाई के सिर के बीचो-बीच वार किया गया है। उनका माथा आगे से लेकर पीछे तक फटा हुआ है जबकि शरीर के किसी अन्य हिस्से पर कोई भी चोट नहीं है। भाई ने यह भी सवाल उठाया है कि गाड़ी में मौजूद बाकी तीन लोग कहां गए और इस बारे में पुलिस ने उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। परिवार को रात करीब डेढ़ बजे पुलिस ने फोन कर एक्सीडेंट की सूचना दी थी।
रत्नेश यादव के निधन की खबर से उनके परिवार और समर्थकों में शोक की लहर है। उनकी शादी अंशु यादव से हुई थी और उनकी रिद्धि और सिद्धि नाम की दो जुड़वां बेटियां हैं। सिर से पिता का साया उठने के बाद दोनों बच्चियों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल, पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी।


