प्रयागराज (राजेश सिंह)। भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ तापमान से जूझ रहे संगम नगरी के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग लखनऊ की ओर से जारी सात दिवसीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश, जिसमें प्रयागराज भी शामिल है में नौ और 10 जून तक लू का प्रभाव बने रहने की संभावना है। इसके बाद 11 और 12 जून को गरज-चमक के साथ बारिश होने के संकेत मिले हैं। शुक्रवार को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मेघगर्जन की चेतावनी जारी की गई है।
गंगा-यमुना के संगम की नगरी प्रयागराज इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। पिछले कई दिनों से अधिकतम तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। तेज धूप, गर्म हवाओं और उमस ने जनजीवन को प्रभावित कर रखा है। ऐसे में मौसम विभाग की ओर से जारी नया बुलेटिन शहरवासियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार छह जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि प्रयागराज में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन आसपास के इलाकों में मौसम बदलने से स्थानीय स्तर पर राहत महसूस की जा सकती है।
7 से 9 जून के बीच मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। आसमान साफ रहने के कारण सूर्य की तपिश और अधिक महसूस होगी। दिन के समय तापमान में वृद्धि होने की संभावना है जबकि रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। 9 और 10 जून को प्रयागराज सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान दोपहर के समय घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
11 और 12 जून को मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की प्रबल संभावना है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो प्रयागराज में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है।
मौसम विभाग की ओर से नौ और 10 जून के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। लू की स्थिति तब बनती है जब अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच जाता है और गर्म हवाएं लगातार चलती हैं। प्रयागराज में पिछले कुछ वर्षों में जून महीने के दौरान लू की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। इस बार भी मई के अंतिम सप्ताह और जून की शुरुआत में तापमान ने कई पुराने रिकॉर्ड को चुनौती दी है। दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा और बाजारों में कम भीड़ इसकी गंभीरता को दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी की तीव्रता का सबसे ज्यादा असर निर्माण कार्यों, खेती-किसानी, रिक्शा-ई-रिक्शा चालकों, दिहाड़ी मजदूरों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों पर पड़ता है।
