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प्रयागराज हत्याकांड में कोई और भी था शामिल!, 'कातिल' की कॉल डिटेल से खुलासा

SV News

प्रयागराज (राजेश सिंह)। प्रयागराज के साउथ मलाका के चर्चित वैश्य परिवार हत्याकांड के पांचवें दिन इलाके का बाजार धीरे-धीरे सामान्य होते दिखा। घटना के बाद से कई दिनों से बंद चल रहीं अधिकतर दुकानें शनिवार को खुल गईं। हालांकि व्यापारियों और स्थानीय लोगों के बीच हत्याकांड की चर्चा अब भी जारी रही। कई लोग अब भी सील किए गए मकान के बाहर रुककर घटना के बारे में जानकारी लेते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े हत्याकांड को लोग लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे।

दूसरी ओर, पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए आरोपी शनि गुप्ता के मोबाइल फोन की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपी शनि गुप्ता के मोबाइल फोन का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकाला गया है। जांच में कई ऐसे मोबाइल नंबर सामने आए हैं, जिनसे घटना से पहले और बाद में बातचीत हुई थी।
अब पुलिस इन सभी नंबरों की पहचान करने और उनसे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। पुलिस भले ही हत्या का खुलासा कर आरोपी को पकड़ चुकी हो, लेकिन जांच अभी समाप्त नहीं हुई है।
पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि कहीं इस पूरे घटनाक्रम में कोई और व्यक्ति प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल तो नहीं था। इसी वजह से आरोपी के मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
कई-नंबर पुलिस के रडार पर 
जांच में सामने आए कुछ नंबरों पर घटना से पहले लगातार बातचीत होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ये नंबर रिश्तेदारों, दोस्तों, कारोबारी संपर्कों या अन्य लोगों के हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है। पुलिस आरोपी के मोबाइल से डिलीट किए गए डेटा और मैसेज की भी जांच करा रही है।
प्रयागराज के साउथ मलाका सब्जी मंडी चौराहा स्थित मकान में कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने 12 घंटे में सुलझा ली। पुलिस का दावा है कि बड़े बेटे अभिषेक ने घर में लूट के इरादे से अपने दोस्त शनि गुप्ता के साथ मिलकर माता-पिता और बहन की हत्या की थी। बाद में डेढ़ करोड़ रुपये के जेवरात के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में शनि ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मुट्ठीगंज निवासी आरोपी शनि को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके कब्जे से एक किलो सोना, 360 ग्राम चांदी, एक हजार रुपये नकदी और ताले की चाभी बरामद की है। 
वारदात रविवार शाम पांच से छह बजे के बीच अंजाम दी गई। आरोपी शनि ने पूछताछ में बताया कि अभिषेक पिता से नाराज था। पुलिस आयुक्त के मुताबिक, वर्ष 2022 में पिता ने अभिषेक को भी संपत्ति से बेदखल कर दिया था। अभिषेक कर्ज में डूबा था। 
रविवार दोपहर अभिषेक ने शनि को अपनी दुकान पर बुलाया। दोनों ने साथ बैठकर कचौड़ी खाई। बीयर और सिगरेट पी। इस दौरान परिवार की हत्या कर जेवर लूटने की साजिश रची। शाम करीब पांच बजे रोजाना की तरह मीनाक्षी नीचे दुकान खोलने आई। जैसे ही उसने सीढ़ियों का दरवाजा खोला, अभिषेक ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार कर दिया। शनि ने उसे धक्का दिया और दोनों उसे घसीटते हुए ऊपर ले गए। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बहन की हत्या के बाद दोनों ऊपर कमरे में पहुंचे। वहां पिता वीरेंद्र और मां अनीता दोनों सो रहे थे। आरोपियों ने उन पर भी लोहे की रॉड और पाइप से ताबड़तोड़ वार किए। सिर पर गंभीर चोट लगने से दोनों की मौत हो गई। इसके बाद दोनों ने अलमारी खंगाली और घर में रखे जेवर और कीमती सामान समेट लिए।
वहीं, जांच में पता चला की शनि के बाल व डाढ़ी काफी लंबे थे घटना के बाद उसने पहचान छुपाने की नियत से बाल व डाढ़ी का कटवा दिया। साथ ही शव को बाहर निकालते वक्त आरोपी ने खुद भी मदद की थी। इस दौरान उसके हाथों में पट्टी बंधी थी जो हत्या के दौरान उसे चोट लगी थी, जब पुलिस ने पूछा तो उसने बताया कि उसे कुत्ते ने काट लिया था।

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