प्रयागराज/कौशाम्बी (राजेश सिंह)। पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक पटाखा फैक्टरी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगते ही फैक्टरी में रखे पटाखों में एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे। घटना में करीब 11 लोगों के मौत की बात सामने आ रही है। दर्जनभर से अधिक लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उनका उपचार एसआरन अस्पताल प्रयागराज में चल रहा है।
बताया जा रहा है कि बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में पटाखा फैक्टरी संचालित हो रही थी। हादसे के समय अंदर करीब दर्जनभर लोगों के मौजूद होने की सूचना है। आग लगने के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों के कारण अंदर जाना मुश्किल रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मकान से अचानक धुआं उठने के बाद पटाखों में विस्फोट शुरू हुआ। मकान के ऊपर से बिजली के तार भी गुजर रहे हैं।
हादसे में एक दर्जन से अधिक लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की सूचना मिल रही है। मौके पर पुलिस अधिकारियों के साथ दो थानों की फोर्स राहत-बचाव में जुटी है। घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। डीएम डॉ. अमित पाल ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और डॉक्टरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
कौशाम्बी और प्रयागराज सीमा पर स्थित मनौरी बाजार स्थित पटाखा फैक्टरी में सोमवार दोपहर अचानक भीषण विस्फोट हो गया। लगातार हुए धमाकों से आसपास का इलाका दहल उठा। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि करीब तीन किलोमीटर दूर तक इसकी धमक महसूस की गई। हादसे में फैक्टरी के आसपास बने 15 से अधिक मकान धराशायी हो गए। मलबे में बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने की आशंका है।
विस्फोट के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई मकानों के शीशे टूट गए। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मकानों की ईंट और मलबा करीब 250 मीटर दूर स्थित रेलवे पुल तक जा पहुंचा। आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
सूचना मिलते ही प्रयागराज और कौशाम्बी जिले के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दोनों जिलों से एंबुलेंस और बचाव दल बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया गया है। जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाकर उसमें दबे लोगों की तलाश की जा रही है। मौके पर पुलिस बल तैनात है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
फैक्टरी में आग लगने और विस्फोट होने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहे हैं। हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अधिकारियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना है।
कौशाम्बी के मनौरी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद पुलिस फोर्स के अलावा सेना के जवानों को भी बुला लिया गया है। एयरफोर्स के सैनिक रेस्क्यू आपरेशन में जुट गए हैं और मलब में फंसे लोगों को निकालने में लगे हैं। मनौरी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद मौके पर एडीएम सिटी प्रयागराज के साथ एसीपी डाक्टर अजय पाल शर्मा सहित कौशांबी और प्रयागराज जनपद के सभी अधिकारी मौजूद हैं और बचाव कार्य में जुट गए हैं। मनौरी में विस्फोट के बाद प्रयागराज के आईजी और एडीजी समेत तमाम अधिकारी भी पहुंच गए हैं। कौशाम्बी के डीएम और एसपी के अलावा प्रयागराज से भी तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। .
मनौरी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद फैक्टरी के आसपास के दर्जन भर मकान धराशायी हो गए। घायलों में चीख पुकार मच गई। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस का लोग इंतजार करते रह गए लेकिन एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई। घायलों को छोटा हाथी में चारपाई पर लिटाकर एसआरएन अस्पताल लाया गया। परिजनों ने बताया कि मौके पर पुलिस के सिपाही मौजूद थे, उनसे कहा गया कि एंबुलेंस नहीं आर ही है तो सिपाही बोले इसमें हम क्या कर सकते हैं।
पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से घायल हुए आठ लोगों को एसआरन लाया गया है, जिसमें प्रांजली (5) और प्रवीण (13) की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल उर्वशी (16) और राजेश (45) और सविता को वेंटीलेटर पर रखा गया है। इसके अलावा समता (33), अनीता (35), माला देवी (36) का उपचार चल रहा है। अनीता और माला देवी खतरे से बाहर हैं।
15 से अधिक हो सकती है मृतकों की संख्या
मनौरी पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले मे मृतकों की संख्या 15 के पार पहुंच सकती है। फिलहाल पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें तीन की मौत कौशाम्बी जिला अस्पताल और दो की मौत प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में हुई है। 25 से अधिक लोगों की हालत बेहद नाजुक है। मलबे में दबने के कारण ईंट और सरिया से गंभीर घाव उनके शरीर पर हो गए हैं। अभी कई लोग मलबे में ही दबे हैं जिनको जेसीबी से खोदाई करके निकालने का कार्य चल रहा है।
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत
पिपरी कोतवाली क्षेत्र के महमूदपुर मनौरी में सोमवार को पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। फैक्टरी के समीप मकान बनाकर रह रहे गया प्रसाद साहू समेत उनकी पत्नी और तीन बेटों की मलबे में दबकर मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई।
मीरपुर गांव निवासी गया प्रसाद साहू पटाखा फैक्टरी के समीप मकान बनाकर पत्नी उर्मिला और बेटों आदित्य, रवि व छोटू के साथ रहते थे। सोमवार को पटाखा फैक्टरी में अचानक बारूद का जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई। विस्फोट की चपेट में आकर गया प्रसाद का मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया। हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य घर के भीतर ही मौजूद थे। मकान की छत और मलबा गिरने से सभी उसके नीचे दब गए।
पुलिस और राहत-बचाव दल दो घंटे बाद जेसीबी की मदद से उनके घर का मलबा हटाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे गया प्रसाद, उनकी पत्नी उर्मिला और तीनों बेटों आदित्य, रवि व छोटू के शव बाहर निकाला गया। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शवों को मोर्चरी भेज आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।



