3 घंटे बाद शव बरामद, पाटलेश्वर मंदिर के पास हुआ हादसा
प्रयागराज (राजेश सिंह)। मंगलवार सुबह 10 बजे मूर्ति विसर्जन के दौरान टोंस नदी में चाचा-भतीजे डूब गए। हादसे के 3 घंटे बाद दोनों का शव बरामद कर लिया गया। घटना कौंधियारा थाना क्षेत्र में पतलेश्वर मंदिर के पास स्थित घाट की है। दोनों गांव के लोगों के साथ मूर्ति विसर्जन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों, नाव और जाल की मदद से तलाश अभियान शुरू कराया। जल पुलिस को भी राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है।
एक 12वीं का छात्र था, दूसरा कर रहा था स्नातक की पढ़ाई
देवरा गांव निवासी अमित कुमार पांडेय (22), पुत्र राजित राम पांडेय, और राहुल पांडेय (20), पुत्र कृष्ण कुमार पांडेय, ग्रामीणों के साथ मूर्ति विसर्जन के लिए टोंस नदी पहुंचे थे। विसर्जन के दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए। उन्हें डूबता देख मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाकर मदद मांगी, लेकिन दोनों को बचाया नहीं जा सका।
राहुल पांडेय 12वीं का छात्र था। वह दो भाइयों में बड़े थे। वहीं, अमित कुमार पांडेय स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके थे और चार भाइयों में सबसे छोटे थे। दोनों के पिता खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
3 घंटे बाद अमित का शव बरामद
हादसे के करीब 3 घंटे बाद गोताखोरों ने अमित कुमार पांडेय और राहुल पांडेय का शव बरामद कर लिया गया। घटना से दोनों परिवारों में कोहराम मचा है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
ग्रामीणों ने त्योहारों और प्रतिमा विसर्जन के दौरान घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उन्होंने घाटों पर बैरिकेडिंग लगाने, गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पुलिस बल की तैनाती करने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
सनातन स्वराज धर्म संगठन के संस्थापक शिव शंकर ओझा ने कहा- विजयादशमी के दिन टोंस नदी के घाट पर मूर्ति विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसकर्मियों की तैनाती जरूरी होती है।
आरोप है कि कौंधियारा पुलिस की ओर से घाट पर किसी सिपाही या दरोगा की ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। यदि वहां पुलिसकर्मी तैनात होते, तो शायद इस दर्दनाक घटना को टाला जा सकता था। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

