प्रयागराज (राजेश सिंह)। इलाहाबाद-झांसी खण्ड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 से ठीक एक दिन पहले प्रयागराज की मतदाता सूची में भारी गड़बड़ियों, बोगस वोटर पर्चियों और धांधली के गंभीर मुद्दों को लेकर सपा नेताओं ने सवाल खड़े किए तो जिला प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा है।
बढ़ते दबाव को देखते हुए जिला निर्वाचन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामूली लिपिकीय या मुद्रण (प्रिंटिंग) त्रुटियों के आधार पर किसी भी वैध मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। उनके पहचान पत्रों को देखते हुए मतदान कराया जाएगा।
विपक्ष की घेराबंदी और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने एनआईसी सभागार में सहायक रिटर्निंग अफसरों, जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट्स के साथ आपात बैठक बुलाई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों का हवाला देते हुए प्रशासन ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि यदि मतदाता सूची में किसी पात्र स्नातक के नाम, पिता के नाम या पते में कोई आंशिक लिपिकीय या मुद्रण संबंधी अशुद्धि पाई जाती है, तो उसे मतदान से नहीं रोका जाएगा।
पहचान पत्र से होगा मिलान
मतदान केंद्र पर पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी मतदाता द्वारा प्रस्तुत अनुमन्य पहचान दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान सुनिश्चित करेंगे। यदि पहचान सही पाई जाती है, तो मामूली गलतियों को नजरअंदाज कर तुरंत वोट डालने की अनुमति दी जाएगी।
निष्पक्ष मतदान की अपील
प्रशासन ने भले ही लिपिकीय त्रुटियों पर नरमी बरतने के निर्देश जारी कर दिए हों, लेकिन मतदाता सूची की विश्वसनीयता और बोगस वोटिंग के मामलों ने चुनाव की पारदर्शिता पर सवालिया निशान जरूर खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन और निर्वाचन आयोग की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ चुनाव कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सभी पात्र मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपने वैध पहचान पत्र के साथ केंद्र पर पहुंच कर अपने मताधिकार का बढ़-चढ़कर प्रयोग करें।
