तीन दिन में 143 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र दाखिल हुए, आज बढ़ेगी सरगर्मी
प्रयागराज (राजेश सिंह)। यूपी बार काउंसिल चुनाव की सरगर्मी बढ़ने लगी है। प्रयागराज में इसे लेकर वकीलों में खासा उत्साह है। चुनाव के मुद्दों को लेकर अपनी अपनी राय पेश की जाने लगी है। वकीलों का ग्रुप प्रचार की कमान भी संभालने लगा है। सोमवार को नामांकन दाखिल करने वाले वकीलों की भीड़ हेागी। माना जा रहा है कि सोमवार को बड़े पैमाने पर पर्चा दाखिल किया जाएगा।
यूपी बार कौंसिल के 25 सदस्यों के लिए होने वाले चुनाव में नामांकन के तीसरे दिन विभिन्न जिलों के 69 अधिवक्ता प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किए। यूपी बार कौंसिल सचिव राम किशोर शुक्ल ने बताया कि तीन दिन में कुल 143 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र दाखिल हुए हैं। उन्होंने एक बार फिर प्रत्याशियों से शांतिपूर्वक नामांकन जमा करने और पर्चा दाखिल करते समय कौंसिल परिसर में नारेबाजी या शोरशराबा नहीं करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि नारेबाजी व शोरशराबा पर नामांकन निरस्त भी किया जा सकता है। रविवार को नामांकन दाखिल करने वालों में कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष बलवंत सिंह, हरिशंकर सिंह, अरुण कुमार त्रिपाठी, अखिलेश कुमार अवस्थी व अंकज मिश्र भी शामिल हैं।
यूपी बार कौंसिल सचिव राम किशोर शुक्ल ने बताया कि दो दिन में कुल 74 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र दाखिल हुए हैं। उन्होंने एक बार फिर प्रत्याशियों से शांतिपूर्वक नामांकन जमा करने और पर्चा दाखिल करते समय कौंसिल परिसर में नारेबाजी या शोरशराबा नहीं करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि नारेबाजी व शोरशराबा पर नामांकन निरस्त भी किया जा सकता है। शनिवार को नामांकन दाखिल करने वालों में कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह, जानकी शरण पांडेय व जय नारायण पांडेय भी शामिल हैं।
चुनाव कार्यक्रम
नामांकन - 14 से 19 नवंबर तक नामांकन पत्रों की जांच - 20 व 21 नवंबर
नाम वापसी - 27 नवंबर तक
प्रत्याशियों की अंतिम सूची - 28 नवंबर
मतदान (चार चरणों में)
पहला - 16 व 17 जनवरी
दूसरा - 20 व 21 जनवरी
तीसरा - 27 व 28 जनवरी
चौथा - 30 व 31 जनवरी
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव को लेकर प्रदेशभर में चुनावी हलचल तेज हो गई है। इस बार कुल 25 सदस्य पदों के लिए चुनाव होना है, जिसके लिए बड़ी संख्या में अधिवक्ता प्रत्याशी मैदान में उतर चुके हैं। नामांकन प्रक्रिया जारी है और हाईकोर्ट से लेकर तहसीलों तक चुनावी माहौल गर्म है।
नामांकन के दौरान अधिवक्ता उत्साल के साथ जुलूस भी निकाल रहे हैं। नामांकन दाखिल करने के साथ ही वकील अपने प्रचार में भी जुट जा रहे हैं। किन मुद्दों को लेकर वकीलों के पास जाना है यह पहले से तय किया जा रहा है।
नामांकन दाखिल करने के बाद जितेंद्र कुमार पाल ने कहा कि यदि उन्हें अधिवक्ता समाज का समर्थन मिलता है, तो वे बार और वकीलों का कहना है कि बेंच के बीच समन्वय स्थापित करने को अपनी प्राथमिकता बनाएंगे। अधिवक्ताओं के बीच कई बार टकराव की स्थितियाँ उत्पन्न हुई हैं, जिन्हें रोकने और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए अधिवक्ता नीति में बदलाव तथा संवाद की प्रक्रिया को मजबूत करने की आवश्यकता है।
