प्रयागराज (राजेश सिंह)। अपर जिलाधिकारी नजूल संजय पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी नगर सत्यम मिश्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशाासन पूजा मिश्रा, अपर जिलाधिकारी आपूर्ति विजय शर्मा एवं अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे संजीव कुमार शाक्य के द्वारा स्वरूपरानी चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध हो रही सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा सभी सम्बंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है।
अपर जिलाधिकारी नजूल के द्वारा स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के इमरजेंसी एवं ट्रामाकेयर्स के ग्राउंड फ्लोर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में साफ-सफाई ठीक पायी गयी। उनके द्वारा ट्राइएज रूम का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय कक्ष में कंस्लटेंट इंचार्ज डॉ0 कृष्णा सिंह उपस्थित नहीं पाये गये तथा डाक्टर एवं स्टाफ का ड्यूटी डिस्प्ले चार्ट नहीं पाया गया। ड्यूटी का अंकन 09ः30 कक्ष के बाहर स्थित बोर्ड पर करते हुए पाये जाने पर अपर जिलाधिकारी के द्वारा जूनियर चिकित्सकों की दैनिक ड्यूटी चार्ट एक दिन पूर्व प्राप्त कराये जाने तथा उसका अंकन सुबह 8 बजे के पूर्व बोर्ड पर कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने तत्पश्चात रिकवरी रूम वार्ड-1 का निरीक्षण किया, जिसमें चार मरीज कक्ष में पाये गये। मरीजों के द्वारा हो रहे इलाज पर संतोष व्यक्त किया गया तथा बताया गया कि सभी जांचे व दवाएं अस्पताल से प्राप्त हो रही है। पैथोलॉजी रूप के निरीक्षण के दौरान लैब टेक्नीशियन श्री रंजू निषाद अनुपस्थित पाये गये। उन्होंने सुबह 09ः30 मेडिकल वेस्ट का डिस्पोजल एकत्र करते पाया, जिसपर उन्होंने सुबह 08ः00 बजे के पूर्व ही मेडिकल वेस्ट का डिस्पोजल एकत्र करने के लिए कहा है। यूएसजी/एक्सरे रूम के निरीक्षण के दौरान रूम में लेड का दरवाजा टूटा पाया गया तथा एचओडी रेडियोलॉजी डॉ0 अंजुम अनुपस्थित पायी गयी। पृक्षा पर बताया गया कि दरवाजा टूटा होने के कारण स्टाफ को एक्सपोजर होने का खतरा है। इमरजेंसी की स्थिति में ही वहां पर एक्सरे किया जाता है। वर्तमान में एक्सरे पीएमएसएसवाई ब्लाक में कराया जा रहा है। उन्होंने दरवाजें को तत्काल ठीक कराये जाने के निर्देश दिए है। निरीक्षण के दौरान सिटी रिपोर्ट रूम बंद पाया गया तथा टेक्नीशियन एक्जाम रूप में कार्य करते पाये गये। अग्निशमन यंत्र की वैधता 23.12.2026 तक की पायी गयी।
अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे ने 18 बिंदुओं पर स्वरूपरानी चिकित्सालय के पुरानी बिल्डिंग के वार्डों का निरीक्षण किया तथा वहां पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान शौचालयों व चिकित्सालय की साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक पायी गयी। चिकित्सालय में मरीजों व तीमारदारों के शुद्ध पेयजल उपलब्ध पाया गया। सड़क, नाली, फर्श की स्थिति पहले से अच्छी पायी गयी। डॉक्टरों के द्वारा लिखी गयी अधिकतम दवाईयां काउंटर से वितरण किया जा रहा था, कुछ दवाईयां अमृत फार्मेसी एवं जनऔषधी केन्द्र के माध्यम से मरीजों को उपलब्ध हो रही है। अस्पताल में एसआरआई मशीन जो विगत दिनों खराब थी, वह क्रियाशील हो गयी है। एक्सरे रिपोर्ट की फिल्म अनुपलब्ध थी तथा मरीजों के मोबाइल पर अथवा कागज पर एक्सरे प्रिंट कर दिया जा रहा था। 40 स्ट्रेचर मरीजों के लिए उपलब्ध पाये गये। जनसामान्य हेतु रोगी किचन व मरीजों व तीमारदारों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराते है।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन एवं अपर जिलाधिकारी आपूर्ति के द्वारा नई बिल्डिंग-एसआरएन का निरीक्षण किया गया। साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था ठीक पायी गयी। उनके द्वारा यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, सर्जरी, प्रशासनिक कार्यालय, एफएन एसी रूम, कैंसर सर्जरी विभाग, पोषण और आहार, डॉयलिसिस रूम, बर्न वार्ड का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान न्यूरोलॉजी विभाग के ओपीडी में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ0 दीपक गुप्ता अनुपस्थित मिले तथा जूनियर डॉक्टर द्वारा ओपीडी में मरीजों का इलाज किया जा रहा था। पूछे जाने पर बताया गया कि डॉक्टर वार्ड में राउंड पर गये है। इसी प्रकार न्यूरोलॉजी सर्जरी ओपीडी में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ0 पंकज गुप्ता अनुपस्थित मिले। जूनियर डॉक्टर के द्वारा उन्हें वार्ड में राउंड पर बताया गया। वार्ड में ड्यूटी डिस्प्ले चार्ट क्रियाशील नहीं पाया गया। मरीजों के द्वारा दवाएं अस्पताल से मिलने की बात बतायी गयी। चिकित्सकों के द्वारा दो बार वार्ड में राउंड की बात बतायी गयी। वार्डों, ओपीडी में डॉक्टरों के रोस्टर अनुसार बैठने का चार्ट लगाया गया है, परंतु समय दर्शित नहीं पाया गया। न्यू बिल्डिंग में कुल 64 सीसीटीवी कैमरे लगे है, किन्तु कुछ सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील नहीं पाये गये।
अपर जिलाधिकारी नगर ने स्वरूपरानी के निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय परिसर में समग्र रूप से साफ-सफाई संतोषजनक पायी गयी। वार्डों, गलियारों एवं वाह्य परिसर में नियमित सफाई की व्यवस्था संचालित है। निरीक्षण के दौरान अधिकांश चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित पाये गये। उन्होंने सभी को अपने ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहने तथा अनुपस्थिति की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी की पूर्वअनुमति अनिवार्य रूप से प्राप्त करने के निर्देश दिए है। चिकित्सकों के द्वारा वार्डों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। विजिट रजिस्टर के अवलोकन करने पर प्रविष्टियां दर्ज पायी गयी। सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील पाये गये। ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली एवं सम्बंधित यंत्र पूर्णतः कार्यशील पाये गये। आपातकालीन परिस्थितियों हेतु पर्याप्त बैकअप व्यवस्था उपलब्ध पायी गयी। चिकित्सालय में निजी वाहनों की कुछ स्थानों पर अनाधिकृत पार्किंग पायी गयी। निरीक्षण के दौरान बिचौलियों की कोई सक्रियता तत्समय नहीं पायी गयी। चिकित्सकीय जांच मशीनों की उपलब्धता एवं उनके संचालन की स्थिति का विस्तृत परीक्षण किया गया। उन्होंने आवश्यक जांच मशीनों एवं जीवन रक्षक उपकरणों को पूर्णतः क्रियाशील अवस्था में बनाये रखने तथा किसी मशीन की खराबी की स्थिति में उसकी तत्काल मरम्मत/प्रतिस्थापन सुनिश्चित कराये जाने के लिए कहा गया। उन्होंने ग्रीष्म ऋतु के दृष्टिगत सम्पूर्ण चिकित्सालय परिसर का फायर सेफ्टी आडिट एवं इलेक्ट्रिक सेफ्टी आडिट की आवश्यकता बतायी है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने स्वरूपरानी के निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई संतोषजनक पायी गयी। निरीक्षण के दौरान अधिकांश चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित पाये गये। उन्होंने सभी को अपने समय से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों के द्वारा लिखी गयी दवाइयों का काउंटर से वितरण किया जा रहा था।
