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माघ मेला में सबसे पहले दंडी स्वामियों को मिलेगी जमीन, गंगा पूजन के बाद होगा आवंटन

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प्रयागराज (राजेश सिंह)। माघ मेला के आयोजन में सबसे प्रमुख कार्य जमीन आवंटन दो दिसंबर से शुरू होगा। संगम तट पर दो दिसंबर को गंगा पूजन के बाद ही पंरपरा के अनुसार सबसे पहले दंडी स्वामी नगर व दंडी बाड़ा को जमीन का आवंटन किया जाएगा। दो, तीन और चार दिसंबर को इन्हें जमीन आवंटित की जाएगी। इसके बाद पांच एवं छह दिसंबर को आचार्य स्वामी नगर (आचार्य बाड़ा) को तथा सात, आठ व नौ दिसंबर को खाक चौक के संतों को जमीन का आवंटन किया जाएगा।

प्रयागराज मेला प्राधिकरण प्रशासन की ओर से शुक्रवार को घोषित की गई तारीख में अन्य संस्थाओं व प्रयागवाल के लिए तारीख की घोषणा नहीं की गई है। उप मेलाधिकारी विवेक शुक्ला ने बताया कि इनके लिए अलग से तारीखों की घोषणा की जाएगी। वैसे 15 दिसंबर तक सभी को जमीन आवंटित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जमीन आवंटित होने के दो दिन बाद से ही संबंधित को सुविधा पर्ची जारी होगी।

बताया कि अपरिहार्य परिस्थितियों में इन तिथियों में बदलाव भी हो सकता है। सुविधा पर्चियों की प्राप्ति के लिए पहचानयुक्त फोटो एवं आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य है। जिन संस्थाओं द्वारा विगत वर्षों के कुंभ, महाकुंभ, माघ मेला अथवा अन्य किसी वर्षों में टिन, टेंटेज, फर्नीचर की सुविधाएं प्राप्त कर वापस नहीं की गई हैं, उन्हें वर्तमान वर्ष में किसी प्रकार की भूमि एवं सुविधा देय नहीं होगी।

प्रत्येक शिविर स्वामी को मेला की संपूर्ण अवधि (माघी पूर्णिमा) तक शिविर बनाए रखना अनिवार्य होगा। इस बार मेला सात सेक्टर में लगभग 800 हेक्टेयर में बसाया जा रहा है। तीन जनवरी पौष पूर्णिमा से शुरू होने वाले माघ मेला के प्रमुख स्नान पर्वों पर समेत अन्य दिवसों में 12 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान लगाया गया है।

अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमल देव आश्रम, अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम का कहना है कि पहले की अपेक्षा संन्यासियों की संख्या बढ़ी है, ऐसे में उन्हें शिविर लगाने में किसी प्रकार की समस्या न आए, इसके मद्देनजर मेला प्रशासन से अधिक भूमि मांगी जाएगी।

माघ मेला की तैयारियों की समीक्षा करने शुक्रवार को प्रयागराज मेला प्राधिकरण पहुंचे उप्र परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभुनारायण सिंह ने बसों के संचालन की रणनीति बनाई। मंडालायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, ए़डिशनल पुलिस आयुक्त डा.अजय पाल शर्मा व मेलाधिकारी ऋषिराज की उपस्थिति में आइट्रिपलसी सभागार में रोडवेज बस मूवमेंट प्लान की समीक्षा की गई। महाकुंभ 2025 के बाद आयोजित होने जा रहे माघ मेला 2026 में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अनुमान के अनुसार ही बसों के संचालन की तैयारी की गई।

राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा श्रद्धालुओं के अंतर्जनपदीय आवागमन के लिए कुल 3800 बसों (डीज़ल बस) के संचालन का प्रस्ताव दिया गया है। उक्त 3800 बसों में से 200 बसें आवश्यकतानुसार प्रयागराज जनपद के भीतर अथवा अंतर्जनपदीय मार्गों पर संचालित करने के लिए आरक्षित रखने का प्रस्ताव है। ये 3800 बसें प्रयागराज एवं आसपास के अन्य परिक्षेत्रों से प्राप्त कर संचालित की जाएंगी।

माघ मेला में बसों के संचालन के लिए अस्थायी बस स्टेशन स्थापित करने के लिए कानपुर मार्ग पर नेहरू पार्क, लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर बेला कछार, रीवा-चित्रकूट-मीरजापुर मार्ग पर लेप्रोसी तथा गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर झूंसी के साथ मुख्य पर्वो पर एक और अस्थायी बस अड्डा स्थापित करने के लिए भूमि चयन करने की योजना बनी।

विभिन्न साधनों से आने वाले स्नानार्थियों को संगम स्नान के लिए ज्यादा न चलना पडे़, इस उद्देश्य से माघ मेला में पहली बार शटल बसों के संचालन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। नगरीय परिवहन निदेशालय, लखनऊ एवं रोडवेज द्वारा मेला के दौरान सामान्य दिवसों पर निर्धारित स्थलों से 100 शटल बसों का संचालन किया जाएगा।

इन 100 शटल बसों में से 50 इलेक्ट्रिक शटल बसें प्रयागराज में उपलब्ध है एवं अतिरिक्त 25 ई-शटल बसों का अन्य जनपदों की एसपीवी से तथा 25 डीजल बसें रोडवेज से आपूर्ति किया जाना प्रस्तावित है। मुख्य पर्वों पर निर्धारित स्थलों से 275 शटल बस संचालित होंगी। इन 275 शटल बसों में से 50 इलेक्ट्रिक शटल बसें प्रयागराज में उपलब्ध है एवं अतिरिक्त 25 ई-शटल बसों का अन्य जनपदों की एसपीवी से तथा 200 डीजल बसें रोडवेज से आपूर्ति प्रस्तावित है।

चार से 16 दिसंबर के बीच काशी-तमिल संगमम, भव्य आतिथ्य की तैयारी

काशी-तमिल संगमम-4.0 का पहले जत्था चार दिसंबर को प्रयागराज पहुंचेगा। यह आयोजन 16 दिसंबर तक चलेगा। इस बाबत शुक्रवार को संगम सभागार में डीएम मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यक्रम को सुव्यवस्थित, भव्य एवं आकर्षक रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने समागम के दौरान संबंधित स्थानों पर विधि व्यवस्था के साथ अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को उनके कार्य दायित्वों का आवंटन करते हुए उनसे तैयारियों को एक दिसंबर तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। काशी-तमिल संगमम कार्यक्रम के तहत समागम में सात समूहों में श्रद्धालु प्रयागराज आएंगे तथा विषयवस्तु से संबंधित स्थानों, शहर के प्रमुख मंदिरों, स्थलों का भ्रमण करेंगे। समागम का प्रथम दल चार दिसंबर को प्रयागराज आएगा।

इसके बाद क्रमशः छह समागम दल छह, आठ, 10, 12, 14 एवं 16 दिसंबर को आएगा। डीएम ने दलों में शामिल श्रद्धालुओं का भव्य रूप से आतिथ्य एवं स्वागत करने के लिए कहा है। संगम क्षेत्र में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के अवसर पर सुसज्जित नावों, मोबाइल टायलेट, पेयजल, पार्किंग सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरे करने के निर्देश दिए।

इसके लिए मजिस्ट्रेटों सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के दायित्व निर्धारित किए गए हैं। नगर निगम को संगम क्षेत्र में सफाई, सीएमओ को मेडिकल टीम तथा एंबुलेंस व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस कर्मिंयों के सा महिला पुलिस कर्मिंयों की तैनाती भी करने के लिए कहा। मेलाधिकारी ऋषिराज, सचिव पीडीए अजित सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट विनोद सिंह, डीडीओ भोलानाथ कुशवाहा मौजूद रहे।

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