हाईवे जाम करने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रयागराज (राजेश सिंह)। जनपद के यमुनानगर इलाके के मांडा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को दिनदहाड़े किशोरी के कथित अपहरण को लेकर मचे हंगामे के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभिक तौर पर जिस घटना को अपहरण बताया जा रहा था, पुलिस जांच में वह प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला निकलकर सामने आ रहा है।
शुक्रवार सुबह लक्षण चौकता गांव की 17 वर्षीय पुष्पा अपनी छोटी बहन रूपा के साथ उंचाडीह बाजार गई थी। करीब 11 बजे दोनों बहनें घर लौट रही थीं। इसी दौरान मिश्रा मार्केट, मेजा के पास स्कॉर्पियो सवार बदमाशों द्वारा किशोरी के अपहरण की सूचना फैल गई। घटना की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और गांव के सामने प्रयागराज–मिर्जापुर हाईवे (NH-35) पर ईंट पत्थर रखकर चक्का जाम कर दिया। जाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित हुआ।
सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी और स्थानीय थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम समाप्त कराया गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस की जांच में सामने आया कि जिस घटना को अपहरण बताया जा रहा था वह फर्जी सूचना पर आधारित थी और मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार लड़की की लोकेशन और अन्य तथ्यों की जांच के बाद अपहरण की पुष्टि नहीं हुई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से कहा कि गलत सूचना फैलाकर हाईवे जाम करना कानून व्यवस्था से खिलवाड़ है। जिन लोगों ने अपहरण की अफवाह के आधार पर सड़क जाम किया, उनकी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और पूरे मामले में तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि किसी भी घटना की पूरी सच्चाई सामने आने से पहले अफवाह किस तरह माहौल बिगाड़ सकती है। एक खबर जो अपहरण के रूप में फैल गई, जांच में प्रेम प्रसंग से जुड़ी निकली। दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि बिना सत्यापन के सड़क जाम करना आम लोगों के लिए परेशानी और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन जाता है। अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर है। अगर जांच में यह साबित होता है कि अफवाह फैलाकर भीड़ को भड़काया गया और हाईवे जाम कराया गया, तो जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है।