प्रयागराज (राजेश सिंह)। स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल में विश्व मिर्गी दिवस के अवसर पर न्यूरोलॉजी एवं न्यूरोसर्जरी विभाग द्वारा एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मरीजों एवं तीमारदारों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य मिर्गी के बारे में वैज्ञानिक जानकारी प्रसारित करना।
मिथकों को दूर करना और दौरे की स्थिति में किए जाने वाले प्राथमिक प्रबंधन को सरल भाषा में समझाना था।
इस अवसर पर मरीजों को जानकारीपूर्ण पम्पलेट्स वितरित किए गए, जिनमें घर पर तत्काल अपनाई जाने वाली सावधानियां, नियमित दवा सेवन का महत्व और आपातकालीन स्थिति में सही कदमों का विस्तृत विवरण दिया गया था। कार्यक्रम में मरीजों को निःशुल्क दवा के नमूने भी प्रदान किए गए, ताकि वे उपचार को बिना व्यवधान जारी रख सकें।
विभागाध्यक्ष न्यूरोसर्जरी डॉ. पंकज गुप्ता ने कहा कि “मिर्गी एक वैज्ञानिक रूप से समझी जा सकने वाली और पूरी तरह नियंत्रित की जा सकने वाली चिकित्सीय स्थिति है। समाज में प्रचलित भ्रांतियां और डर इस बीमारी को और जटिल बना देते हैं। सही ज्ञान, नियमित दवा और उचित प्राथमिक प्रबंधन से मिर्गी के मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।
हमारा उद्देश्य हर मरीज और परिवार को सशक्त बनाना है, ताकि किसी भी प्रकार का सामाजिक कलंक इस बीमारी के प्रबंधन में बाधा न बने।” उन्होंने आगे कहा कि “न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी विभाग मिलकर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रखेंगे, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।”
न्यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. कमलेश कुमार सोनकर ने बताया कि मिर्गी का समय पर उपचार और सामाजिक सहयोग मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार लाता है।
कार्यक्रम में डॉ.एसडी. पांडेय, डॉ. सौरभ आनंद दुबे, प्रो. एनएन गोपाल सहित दोनों विभागों के सभी रेज़िडेंट चिकित्सक उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अत्यंत प्रभावी होते हैं।
