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खजुराहो वंदे भारत को नहीं मिल रहे यात्री, प्रयागराज से कम बुकिंग होने से रेलवे अफसर भी हैरान

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प्रयागराज (राजेश सिंह)। बनारस से खजुराहो के बीच वंदे भारत का नियमित संचालन तो शुरू हो चुका है लेकिन इस वीवीआईपी ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों का आंकड़ा निराशाजनक है।

बनारस से खजुराहो के बीच वंदे भारत का नियमित संचालन तो शुरू हो चुका है लेकिन इस वीवीआईपी ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों का आंकड़ा निराशाजनक है। ट्रेन का प्रयागराज छिवकी रेलवे स्टेशन पर भी ठहराव है लेकिन 11 नवंबर से 15 नवंबर की अवधि में यहां से सिर्फ 61 यात्रियों ने ही अपना रिजर्वेशन करवाया। बनारस से भी ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या उत्साहजनक नहीं है। ट्रेन में गिनती के ही यात्री सफर कर रहे हैं।

बनारस से खजुराहो के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का नियमित संचालन 11 नवंबर से शुरू हुआ है। बृहस्पतिवार छोड़ सप्ताह में छह दिन संचालित इस ट्रेन का विंध्याचल, प्रयागराज छिवकी, चित्रकूट धाम, बांदा एवं महोबा रेलवे स्टेशन पर ठहराव है। आठ कोच की इस ट्रेन में सात कोच चेयरकार एवं एक कोच एग्जीक्यूटिव चेयरकार श्रेणी का है। प्रयागराज छिवकी से खजुराहो के लिए इस ट्रेन के चेयरकार में 397 एवं एग्जीक्यूटिव चेयरकार में 29 सीट का कोटा है। फिलहाल दोनों ओर से ट्रेन की आधी से ज्यादा सीटें खाली ही जा रही हैं। 15 से 30 नवंबर की अवधि की बात करें तो प्रयागराज छिवकी से खजुराहो के बीच इसके चेयर कार में हर रोज 350 से अधिक सीट आईआरसीटीसी की वेबसाइट में खाली ही दर्शाई जा रही हैं।

15 नवंबर को सिर्फ 15 यात्रियों का रहा छिवकी से रिजर्वेशन

प्रयागराज छिवकी से 11 नवंबर को बनारस-खजुराहो एक्सप्रेस में 16 टिकट ही बुक हुए। सभी टिकट चेयरकार श्रेणी के रहे। इसके बाद 12 नवंबर को चेयरकार के 08 एवं एग्जीक्यूटिव चेयरकार श्रेणी के सिर्फ 02 टिकट बुक हुए। बृहस्पतिवार होने की वजह से 13 को ट्रेन नहीं चली। इसी तरह 14 नवंबर को इसके चेयरकार में 22 टिकट ही बुक हुए। वहीं शनिवार को यह आंकड़ा घटकर 15 का ही रह गया। टिकट कम होने की वजह वंदे भारत का महंगा किराया बताया जा रहा है। इसके अलावा ट्रेन प्रयागराज जंक्शन भी नहीं आ रही है। ट्रेवल्स एजेंसी संचालक विशाल कनौजिया ने बताया कि खजुराहो वंदे भारत अगर जंक्शन के रास्ते चले तो इसमें यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। क्योंकि प्रयागराज से गुजरने वाली अन्य चार वंदे भारत का यहां ठहराव भी है। उसमें यात्री भी पर्याप्त संख्या में मिल रहे हैं।

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