प्रयागराज (राजेश सिंह)। माघ मेला की तैयारियां जोरों पर हैं । लेकिन गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर मेले की राह में अड़चन डाल रहा है। बाढ़ का पानी तो उतर गया है। संगम क्षेत्र में अभी भी करीब एक चौथाई इलाका गंगा के बहाव में डूबा हुआ है।
मेले की जमीन पूरी तरह खाली हो इसके लिए गंगा में पानी का घटाना जरूरी हो गया है। कानपुर बैराज से फिलहाल करीब 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। अधिकारी मानते हैं कि मेला सुचारू चलाने के लिए यह डिस्चार्ज आधा होना चाहिए।
अनुमान है कि अगर डिस्चार्ज 9 हजार क्यूसेक तक आ जाए तभी जमीन मिल पाएगी। शनिवार को कानपुर बैराज से 19906 क्यूसेक, नरौरा से 9902 क्यूसेक और हरिद्वार से 14919 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। इसी वजह से प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने शासन को पत्र भेजकर डिस्चार्ज कम करने की मांग की है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दिग्विजय नारायण शुक्ला ने बताया कि नरौरा और कानपुर दोनों बैराज से पानी घटाने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि नरौरा से डिस्चार्ज पांच हजार क्यूसेक तक किया जाए, तो कानपुर से भी पानी घटाया जा सकेगा। फिलहाल गंगा का जलस्तर सामान्य से लगभग एक मीटर ज्यादा है। शनिवार सुबह फाफामऊ में जलस्तर 77.41 मीटर, छतनाग में 74.43 मीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 74.39 मीटर रिकॉर्ड हुआ।
