पुलिस ने नहीं दर्ज किया मुकदमा
प्रयागराज (राजेश सिंह)। शहर में म्योराबाद चर्च के समीप शनिवार दोपहर एक मकान के बाहर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। मकान में चोरी छिपे चंगाई सभा आयोजित कर मतांतरण का आरोप लगाया। यही नहीं, एक कार्यकर्ता ने गमछे से गला कसने का भी आरोप लगाया।
जानकारी मिलने पर कैंट पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया। मकान के भीतर मौजूद लोगों को बाहर निकाला गया। पूछताछ की गई तो बताया गया कि प्रार्थना सभा की जा रही थी। विहिप कार्यकर्ताओं ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
म्योराबाद चर्च के समीप एक मकान में लंबे समय से काफी लोगों का आना-जाना देख विहिप कार्यकर्ताओं को संदेह हुआ। शनिवार दोपहर विहिप के कार्यकर्ता शुभम कुशवाहा, विजय पांडे, अमित मिश्रा आदि म्योराबाद पहुंचे। कुछ देर बाद यहां हंगामा शुरू हो गया। कार्यकर्ताओं ने मकान में चंगाई सभा का आयोजन कर मतांतरण का आरोप लगाया। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई।
सूचना मिली तो कैंट पुलिस भी पहुंची। अमित मिश्रा ने पुलिसकर्मियों से बताया कि यहां मौजूद लोगों को मतांतरण के लिए तमाम तरीके का प्रलोभन दिया जा रहा था। यह बातें जब उन्होंने सुनी तो विरोध किया, जिस पर उन्हें अपशब्द कहते हुए जान से मारने की नीयत से गमछे से गला कस दिया। साथी कार्यकर्ताओं ने किसी प्रकार उन्हें बचाया।
पुलिसकर्मियों ने मकान में मौजूद लोगों को बाहर निकाला और पूछताछ की, जिस पर बताया गया कि प्रार्थना सभा की जा रही थी। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली तो कुछ कागजात मिले, जिसे कब्जे में ले लिया गया। पूछताछ के बाद सभी को छोड़ दिया गया। बाद में अमित मिश्रा ने कैंट थाने में तहरीर दी, जिसमें मतांतरण का आरोप लगाया गया है। हालांकि, रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
कैंट थाना प्रभारी सुनील कुमार का कहना है कि हंगामे की सूचना पर मौके पर जाकर जांच पड़ताल की गई है। कुछ लोगों से पूछताछ भी हुई, जिस पर प्रार्थना सभा के आयोजन की बात कही गई। अमित मिश्रा द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उसकी जांच की जा रही है और इसी के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में विश्व हिंदू परिषद गौरक्षा के प्रांत मंत्री लालमणि तिवारी का कहना है कि यदि प्राथमिकी दर्ज करके आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो कार्यकर्ता आंदोलन के लिए विवश होंगे।
