प्रयागराज (राजेश सिंह)। माघ मेला 2026 की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभी से तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं। मेला क्षेत्र में प्रतिदिन डॉग स्क्वॉड और बम डिस्पोज़ल दस्ते संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चला रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां लगातार पीपा पुलों, महत्वपूर्ण मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में गहन तलाशी अभियान चला रही हैं। जैसे-जैसे माघ मेले की तिथि नज़दीक आ रही है, प्रशासन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरा हुआ है।
प्रयागराज में 3 जनवरी 2026 से शुरू होने वाले माघ मेले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दे चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि संतों, कल्पवासियों और करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा तैयारियों को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।
सुरक्षा को अभेद बनाने के लिए इस बार हाई-टेक तकनीक का बड़ा इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरे मेला क्षेत्र में 400 एआई-आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो भीड़ की गतिविधियों, घनत्व और किसी भी संदिग्ध हरकत पर तुरंत अलर्ट प्रदान करेंगे। साथ ही ड्रोन कैमरे भी ऊपर से लगातार निगरानी रखेंगे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को वास्तविक समय में पूरी स्थिति की जानकारी मिलती रहे।
इस बार मेला क्षेत्र में लगभग 5 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। सिविल पुलिस के साथ-साथ एटीएस, एसटीएफ, पीएसी, आरएफ और बाढ़ राहत कंपनियों की टीमें भी सुरक्षा में सक्रिय रहेंगी। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जा रही है। इसके अलावा 17 अस्थायी थाने और 42 पुलिस चौकियां स्थापित की जा रही हैं, ताकि हर सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
लगातार निगरानी, आधुनिक तकनीक और मजबूत पुलिस बल के साथ प्रशासन माघ मेला 2026 को पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए हर स्तर पर सक्रिय है।
