प्रयागराज (राजेश सिंह)। गोबर उठा था न झाड़ू लगी थी। मवेशियों की दशा ऐसी थी मानो उन्हें चारा ही नहीं मिलता। एक भी पशु ऐसा नहीं था जिसे पूरी तरह स्वस्थ कहा जा सके। यह दुर्दशा देख दुग्ध विकास विभाग के विशेष सचिव राम सहाय यादव का पारा चढ़ गया। ग्राम प्रधान व सचिव को कड़ी फटकार लगाई। कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
दुग्ध विकास विभाग के विशेष सचिव राम सहाय यादव को शासन की ओर से प्रयागराज मंडल की गोशालाओं की जांच के लिए नियुक्त किया गया है। उन्होंने शुक्रवार को भ्रमण शुरू किया। उनके साथ मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. शिवनाथ यादव व अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
विशेष सचिव सुबह वह होलागढ़ ब्लाक के उमरिया बादल गांव स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र पहुंचे। यहां हर तरफ अव्यवस्थाएं ही मिली। शासन का आदेश है कि पशुओं को भूसे के साथ दाना, हरा चारा या साइलेज खिलाया जाए। इस गोशाला में पशुओं को न साइलेज मिल रहा था और न ही हरा चारा व दाना। पशुओं की स्थिति भी बेहद खराब थी।
इसे लेकर उन्होंने ग्राम प्रधान महेंद्र यादव और ग्राम पंचायत सचिव रविशंकर पांडेय की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की। निर्देश दिए कि गोशाला में मवेशियों की बेहतर देखभाल की जाए। आदेशों के अनुरूप भूसे के साथ नियमित हरा चारा, दाना दिया जाए। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विशेष सचिव ने होलागढ़ ब्लाक क्षेत्र के होलागढ़ और कस्तूरीपुर स्थित पीसीएफ के धान क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया। होलागढ़ के केंद्र पर सारी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त मिलीं। जबकि, कस्तूरीपुर में धान की रफ्तार काफी धीमी थी। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। डिप्टी आरएमओ अविनाश चंद्र सगरवाल को सुधार के निर्देश दिए।
