प्रयागराज (राजेश सिंह)। अमेज़न इंडिया वर्कर यूनियन और हाकर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी आजाद स्ट्रीट वेन्डर युनियन के संयुक्त तत्वावधान में मण्डलायुक्त कार्यालय पर प्रदेश महामन्त्री रवि शंकर द्विवेदी के नेत्रत्तव में स्ट्रीट वेन्डरो गिग वर्करो ने पैदल मार्च करते हुये मण्डलायुक्त कार्यालय पर सांकेतिक धरना व प्रदर्शन कर अपर आयुक्त प्रशासन श्रीमती रत्न प्रिया को मुख्य मंत्री को सम्बोधित मांग पत्र सौंपा ’। सभा का संचालन कार्यक्रम संयोजक रवि शंकर द्विवेदी ने किया उन्होंने बताया उत्तर प्रदेश के 75 जिलो में 25 लाख स्ट्रीट वेंडर्स फुटपाथ दुकानदार 45 लाख डिलीवरी पार्टनर कैत्र ड्राइवर ई कामर्स वेयरहाउस काममारो के लिए 21 नवम्बर 2025 को लागू सोशल सिक्योरिटी कोड के साथ ताल मेल बिठाकर कार्य करने की जरूरत है । स्ट्रीट वेंडर्स ( आजीविका का संरक्षण समाजिक सुरक्षा का अधिकार ) अधिनियम 2014 कानून बन जाने के बावजूद 25 लाख से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स को रोजानाबेदखलीहफ्ता वसूली और सामान जप्त होने का सामना करना पड़ता है । स्मार्ट सिटी के नाम पर देश में जिस तरह से पूंजीपतियों को संरक्षण मिल रहा है वर्तमान सरकार पूंजीपतियों का खुल कर समर्थन कर रही है और इसके लिए किसी भी हद तक जाने से भी नहीं चूक रहीं हैं। सभी स्ट्रीट वेंडरो को इस अन्याय और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा। उत्तर प्रदेश सरकार से प्लेटफार्म वर्कर्स, स्ट्रीट वेंडर्स और वेयरहाऊस के सामने आने वाले जरूरी मुद्दो और उनके समाधान के लिए मा० मुख्य मंत्री को मांग पत्र भेजा।
सरोजनी नायडू मार्ग पर 2018 में टाऊन वैडिंग कमेटी से पारित वेडिंग जोन स्थल पर अर्बन बाजार का टेंडर निरस्त करने को ज्ञापन सौंपा । छह महीने के अंदर सभी मौजूदा स्ट्रीट वेंडरो का जीपीएस बायोमैट्रिक सर्वे कराया जाये, सभी बस स्टैड रेलवे स्टेशन में स्ट्रीट वेंडर्स को 5 प्रतिशत जगह दी जाये, साप्ताहिक बाजार नाईट माक्रेट के लिए जीरो फीस और परमानेंट शेड बनाए जाये । ओपन नेटवर्क फार डिजिटल कॉमर्स (व्छक्ब्) पर छोटे व्यवसाइयो को शामिल करें। व्यापार और निवेश पर भारत सरकार के बोर्ड में राज्य के स्ट्रीट वेंडर संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल करें । स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 पूर्ण रूप से लागू किया जाए ।
गिग वर्कर्स की प्रमुख मांगें-
गीग श्रमिकों के रेट कार्ड निर्धारित करें। गिग श्रमिको के लिए ईएसआई पीएफ की गारंटी तय करें। गिग श्रमिकों के लिए त्रिपक्षीय बोर्ड कंपनि यों गीग संगठन व सरकार के प्रतिनिधियों को मिलाकर गठन करें। गिग श्रमिको के लिए न्यूनतम वेतन के मानक तय करने के आधार पर रेट बोर्ड को महंगाई दर से जोड़ते हुए साल में दो बार रेट कार्ड में वृद्धि सुनिश्चित करें । प्रदर्शन में दिवाकर त्रिपाठी रितेश श्रीवास्तव अनिल मिश्रा दीपक कुमार सोनकर शहजादे प्रमोद भारतीया शिखा खन्ना विशखा मिश्रा अजय सोनी आकाश केसरवानी सुभाष जैयसवाल अविनाश त्रिपाठी अरविंद यादव रंजीत दास मो नसीम मो अनस सीबू शैलेन्द गिरिजा शंकर शर्मा राधा रानी जगदीश सोनकर सत्येन्द्र चौरसिया विकास गुप्ता सुजीत सोनकर रविन्द्र चौरसिया राजू चौधरी बबलू यार मोहम्मद प्रेम केसरवानी सत्येन्द्र चौरसिया प्रज्जवल गुप्ता राजेश कुमार इन्द्र पाल सहित सैकड़ो माक्रेट युनियन लीडर शामिल हुयें।

