प्रयागराज (राजेश सिंह)। प्रयागराज पुलिस के लिए साल 2025 चुनौतियों से भरा रहा। शहर से लेकर देहात तक पुलिस को पूरे साल बदमाशों से जूझना पड़ा। हत्या और लूट की लगातार वारदातों से जिला कई बार दहला, तो कुछ मामलों में कार्रवाई में देरी और हीलाहवाली को लेकर पुलिस की जमकर किरकिरी भी हुई।
साल के दौरान कई ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिनमें पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए। जगुआर कांड इसी तरह की घटना रही, जिसने न सिर्फ जिले बल्कि पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोरीं। इस मामले में कार्रवाई को लेकर पुलिस की काफी आलोचना हुई। वहीं, साल के अंत में हुई लूट की दो बड़ी वारदातें भी पुलिस के लिए अब तक पहेली बनी हुई हैं। कई दिन बीत जाने के बाद भी इन मामलों का खुलासा नहीं हो सका है, जिससे पुलिस की कार्यक्षमता पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं।
वो 10 घटनाएं, जिनसे दहला प्रयागराज
महाकुंभ भगदड़
29 जनवरी को महाकुंभ (2025) में मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज के संगम तट पर एक भयावह भगदड़ मची, जिसमें लगभग 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई घायल हुए; यह हादसा मुख्य रूप से अत्यधिक भीड़, प्रशासन की अपील (रात भर घाटों पर न रुकने की) को नज़रअंदाज़ करने, बैरिकेड टूटने और टटप्च् मूवमेंट के कारण बने दबाव के कारण हुआ, जिससे कई लोग नीचे गिरे लोगों के ऊपर चढ़ गए और अफरा-तफरी फैल गई, जिससे यह दुखद घटना हुई।
एयरफोर्स इंजीनियर हत्याकांड
प्रयागराज के एयरफोर्स कैंपस में 29 मार्च को तड़के 3.15 बजे मिलिटरी इंजीनियरंग सर्विस के कमांडर वर्क इंजीनियर एसएन मिश्रा की उनके ही सरकारी आवास के भीतर गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के दो दिन बाद पुलिस ने कैंपस में सफाई करने वाले के बेटे सौरभ को अरेस्ट किया। जबकि उसके माता-पिता व भाई को भी साजिश रचने का आरोपी बनाया।
नैनी डबल मर्डर नैनी के एडीए कॉलोनी में 28 अप्रैल को यह डबल मर्डर की वारदात अंजाम दी गई। घर के भीतर एफसीआई से रिटायर अरुण कुमार श्रीवास्तव व उनकी पत्नी मीना की हथौड़ी से सिर कूंचकर हत्या कर दी गई। बाद में इस वारदात में उनके ही घर में काम करने वाले राजमिस्त्री को जेल भेजकर पुलिस ने खुलासा किया कि बकाया 20 हजार न मिलने पर उसने वारदात अंजाम दी।
दादा ने पोते के टुकड़े किए 26 अगस्त को प्रयागराज के कल्याणी देवी मोहल्ले में तंत्र मंत्र के शक पर सरन सिंह नाम के प्रॉपर्टी डीलर ने रिश्ते में पौत्र लगने वाले 11 साल के पीयूष सिंह की नृशंस हत्या कर दी। इसके बाद उसके शव के टुकड़े करने के बाद धड़ 20 किमी दूर इंडस्ट्रियल इस्टेट व सिर करेली के जंगलों में फेंक आया।
कर्जन ब्रिज गैंगरेप 16 अगस्त को कर्जन ब्रिज के नीचे गैंगरेप की इस वारदात ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। यहां दोस्त के साथ घर लौट रही नर्स का काम करने वाली युवती से दो बदमाशों ने चाकू की नोंक पर गैंगरेप किया। पुलिस शुरू में घटना संदिग्ध बताती रही लेकिन बाद में सच्चाई सामने आने पर आरोपियों को गिरफ्तार ही नहीं किया बल्कि गैंगस्टर भी लगाया।
जगुआर कांड 19 अक्टूबर को राजरूपपुर में जगुआर कार से कारोबारी के रईसजादे बेटे ने छह लोगों को कुचल दिया। इनमें से एक की मौत भी हुई थी। यह घटना न सिर्फ प्रयागराज बल्कि पूरे प्रदेश की सुर्खियां बनीं जहां बाद में आरोपी गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया। रावेंद्र हत्याकांड 21 अक्टूबर को दीपावली के ठीक दूसरे दिन प्रयागराज में हुई इस वारदात में रोडवेज के संविदाकर्मी रावेंद्र पासी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इसके बाद कई घंटों तक जमकर बवाल भी हुआ था। परिजनों ने प्रयागराज-कानपुर हाईवे कई घंटों तक जाम कर दिया था। बाद में मुठभेड़ में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
मीडियाकर्मी की हत्या सिविल लाइंस में 23 अक्टूबर की रात मीडियाकर्मी एलएन सिंह की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया और बाद में मां-बेटे को भी जेल भेजा। कातिल पिता-जहर देकर बेटी का गला रेता 5 नवंबर को घूरपूर के कांटी गांव में यह घटना हुई। इसमें एक पिता ने अपनी बेटी सरिता को नींद की गोलियां खिलाने के बाद उसका गला रेत दिया। इसमें पत्नी ने भी उसका साथ दिया। पहले मां-बाप ने हत्या की कहानी पुलिस को सुनाई लेकिन बाद में सच्चाई का पता लगाकर दोनों को जेल भेज दिया गया।
नाबालिग प्रेमिका को मारकर दफनाया 10 नवंबर को हुई इस वारदात में एक फौजी ने 11वीं में पढ़ने वाली अपनी प्रेमिका को मारकर जमीन के नीचे दफना दिया। शादी करने के बहाने वह उसे स्कूल जाते वक्त अपने साथ ले गया और फिर वारदात अंजाम दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर खुलासा किया तो लोग स्तब्ध रह गए।
