प्रयागराज (राजेश सिंह)। माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन हुई घटना के बाद धरने पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि वह स्नान करने पालकी से ही जाएंगे और प्रशासन जब तक लिखित रूप से माफी नहीं मांग लेता वह नहीं उठेंगे।
उन्होंने पुलिस पर साधु संतों को पीटे जाने का आरोप लगाते हुए इस पूरी घटना के लिए पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, गृह सचिव मोहित गुप्ता और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की फोटो दिखाते हुए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है।
शंकराचार्य ने सीओ विनीत सिंह की फोटो दिखाते हुए आरोप लगाया कि संगम नोज पर जिन साधु संतों को पुलिस ने हिरासत में लिया, उन्हें विनीत सिंह ने पीट-पीट कर घायल किया। शंकराचार्य ने कहा कि वह धरने पर नहीं बैठे हैं। प्रशासन उन्हें जहां छोड़ गया था वह वहीं विराजमान हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि माघ मेले में संगम स्नान के लिए चारों शंकराचार्य के लिए प्रोटोकॉल बनना चाहिए ताकि शंकराचार्य पालकी पर जाकर स्नान कर सकें।
'मेला प्रशासन नहीं मानता उन्हें शंकराचार्य'
कमिशनर सौम्या अग्रवाल ने कहा कि किसी को भी गंगा स्नान से नहीं रोका गया। मेला प्रशासन उनको शंकराचार्य नहीं मानता।
