5 किमी पैदल चलकर पहुंचीं, श्रद्धालुओं से की नियम पालन की अपील
प्रयागराज (राजेश सिंह)। संगम की रेती पर आयोजित माघ मेले में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर स्वामी कल्याणी नंद गिरी उर्फ छोटी मां ने संगम नोज पर स्नान किया। उन्होंने अपने शिष्यों और अनुयायियों के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर डुबकी लगाई और अपने यजमानों के सुख-समृद्धि व कल्याण की कामना की।
स्वामी कल्याणी नंद गिरी ने मेला प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने बताया कि सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के नियमों का पालन करते हुए वे और उनके शिष्य लगभग पांच किलोमीटर पैदल चलकर संगम तट तक पहुंचे। स्नान के बाद भी वे पैदल ही अपने शिविर लौटेंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मेला प्रशासन को पूरा सहयोग दें और निर्धारित नियमों व प्रोटोकॉल का पालन करें। इससे सभी को स्नान में सुविधा मिलेगी और किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होगी। इस अवसर पर उन्होंने बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह माघ मेले का चौथा प्रमुख स्नान पर्व है और मां सरस्वती की आराधना का विशेष दिन है। मां सरस्वती विद्या, विवेक और बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी हैं, जिनकी कृपा से समाज में ज्ञान और सद्भाव का विस्तार होता है।
स्नान के उपरांत स्वामी कल्याणी नंद गिरी ने अपने शिष्यों के साथ भगवान शिव का भजन प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। गौरतलब है कि इस वर्ष माघ मेले में लगभग दो दर्जन किन्नर संत कल्पवास कर रहे हैं। उनके शिविर में नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे मेले की आध्यात्मिक गरिमा और अधिक बढ़ गई है। बसंत पंचमी के स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं का सैलाब संगम पर उमड़ पड़ा। भोर से ही हजारों श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचकर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। पूरे मेला क्षेत्र में “हर-हर गंगे” और “जय मां सरस्वती” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे आध्यात्मिक माहौल भक्तिमय हो गया।
