आया लोहड़ी दा त्योहार,खुशियां खूब मानओ यार
नैनी-प्रयागराज(राजेश सिंह)। पंजाबी संस्कृति और एकता को बढ़ावा देने के लिए नैनी गुरुद्वारा प्रांगण सहित कई मोहल्लों मे लोहड़ी उत्सव मे अरदास करके विधिवत्त अग्नि जलाकर मनाया। आग प्रज्ज्वलित होते ही लोकगीतों की धुन पर लोगों ने परिक्रमा कर भांगड़ा और गिद्द्दा नृत्य की भी धूम रही।सुप्रसिद्ध विख्यात समाजसेवी सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि यह पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी जीवित रखने का माध्यम है। यह पर्व केवल फसल और ऋतु परिवर्तन का उत्सव नहीं बल्कि अग्नि,सूर्य और जीवन-मर्यादा से जुड़ा आध्यात्मिक प्रतीक भी है लोहड़ी पर्व जीवन में समृद्धि व खुशहाली लाने का प्रतीक भी माना जाता है आध्यात्मिक रूप से लोहड़ी की अग्नि को पवित्र माना जाता है इसमें तिल,गुड़,मूंगफली और रेवड़ी अर्पित करते हैं यह अग्नि को धन्यवाद देने का प्रतीत है जो शीत ऋतु में जीवन का आधार बनती है अग्नि को अर्पण करना अहंकार, नकारात्मकता और पुराने दुखों के त्याग का संकेत भी माना जाता है। इस अवसर पर परमिंदर सिंह बंटी,सुरेंद्र सिंह,सतनाम सिंह,सरदार पतविन्दर सिंह,ज्ञानी जसपाल सिंह, चरनजीत सिंह सहित कई बड़े बच्चे, महिलाएं,बुजुर्ग सभी धर्म संप्रदाय के लोगो ने एक दूसरे को बधाइयां दी।वही दूसरी ओर आलोपीबाग मे लोहड़ी पर्व पर सर्व समाज की समृद्धि की कामना की अरदास।
प्रयागराज,आलोपीबाग गुरुद्वारा में संध्याकाल लोहड़ी पर्व पर गुरुद्वारा में श्रद्धालुओं ने साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे माथा टेेककर पंक्तिबद्ध बैठकर गुरबाणी का पाठ-सिमरन-ध्यान अरदास- हुकुमनामा उपरांत संगत ने गुरु का प्रसाद ग्रहण किया।
तत्पश्चात लोहड़ी पर्व पर सर्वधर्म की संगत ने अपने साथ लाए नए धान के लावे के साथ खीर,मक्का,गुड,रेवड़ी,मूंफली आदि पवित्र अग्नि को समर्पित करते हुए परिक्रमा कर लोगों ने सर्व समाज की समृद्धि की कामना के साथ जलती अग्नि के चारों और गोला बनाकर अरदास की।
आलोपीबाग गुरुद्वारा प्रधान परमजीत सिंह बग्गा ने कहा कि अग्नि ऊर्जा और ऊष्मा की वाहक है इसे केंद्र में रखकर लोहड़ी मनाई जाती है,जो पारिवारिक संबंधों में ऊष्मा का संचार करती है।लोहड़ी पंजाबियों का विलक्षण त्यौहार है लोहड़ी उष्णता व ऊर्जा का संचार करने वाला वह पर्व है जो समाज एवं परिवार को शक्ति देता है और भविष्य के प्रति आस्थावान भी बनता है। लोहड़ी सामाजिक संबंधों का पर्व है परिवार में खुशहाली लाने का यह ऐसा उपक्रम है,जिसका सकारात्मक प्रभाव वर्ष भर रहता है। लोहड़ी में ऋतु बदलती है जन मानस में नई ऊर्जा का संचार होता है। वास्तव में पंजाब और पंजाबी समाज ने बेटियों की लोहड़ी मनाने की पहल कर देशवासियों का ध्यान बेटियों के मान-सम्मान से जोड़कर पर्व मनाने की पवित्रता को दुगुनी कर दियाlइन पर्व से सामाजिक चेतना जगाने के साथ परस्पर मैत्री एवं सद्भाव का भी संदेश मिलता हैl
लोहड़ी पर्व पर सुविख्यात समाजसेवी व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र भाजपा ने जगह-जगह लोहड़ी पर्व पर एकत्रित परिवार,आस-पड़ोस,मित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इस पर्व का आयोजन का उद्देश्य बेटियों को बेटों के बराबर मान-सम्मान मिले और लोगों की नकारात्मक सोच बदलना आज लोहड़ी के पर्व की पवित्रता सैकड़ों गुना बढ़ गई है क्योंकि यहां भारतीय सांस्कृति में देवी के रूप में पूजी जाने वाली कन्याओं की लोहड़ी मनाई जा रही है सच है जिनके यहां बेटी ने जन्म लिया व नववधू का आगमन हुआ है पंजाबियों ने समाज की रूढ़ियों को तोड़कर बेटी के जन्म वा नववधू के आगमन पर पहली लोहड़ी हर्षोल्लास से मनाने की प्रथा हमें अपने पूर्वजों पर गौरवान्वित करती हैl इस अवसर पर सर्वश्री परमजीत सिंह बग्गा,गुरुदीप सिंह सरना,सरदार पतविंदर सिंह,कुलदीप सिंह,परमिंदर सिंह बंटी,मनु सिंह चावला,लखविंदर सिंह,राजेंद्र सिंह ग्रोवर,जसवीर सिंह,हरजीत सिंह कथुरिया,रनदीप सिंह,त्रिलोचन सिंह,रौनक सिंह,हरमनजी सिंह सहित बच्चे,महिलाएं,बुजुर्ग सभी धर्म संप्रदाय के लोगो ने बड़ी संख्या ने एक-दूसरे को बधाइयां दी।
