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यूपी में टीईटी-टीजीटी, पीजीटी एग्जाम की नई तारीखों का ऐलान

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प्रयागराज (राजेश सिंह)। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने मंगलवार को चार बड़ी परीक्षाओं की नई तारीखों का ऐलान कर दिया है। आयोग अध्यक्ष और पूर्व क्ळच् डॉक्टर प्रशांत कुमार ने बताया- टीईटी, टीजीटी, पीजीटी और असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा अप्रैल से जुलाई के बीच होंगी। दो हफ्ते पहले योगी सरकार ने 2022 की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा रद्द कर दी थी।

अब असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 18 व 19 अप्रैल को होगी। च्ळज् भर्ती परीक्षा 9 व 10 मई और ज्ळज् भर्ती परीक्षा 3 व 4 जून को होगी। इसी तरह न्च् ज्म्ज् परीक्षा 2, 3 व 4 जुलाई को कराई जाएगी। टीईटी 2026 का नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा। इसके विस्तृत कार्यक्रम व आवेदन प्रक्रिया संबंधी सूचना के लिए अलग से जारी की जाएगी।

क्यों रद्द हुई थी परीक्षाएं?

यूपी एसटीएफ को असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में धांधली और अवैध धन वसूली का पता चला था। एसटीएफ ने आउटसोर्स के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया था। ठगों ने फर्जी पेपर बनाकर अभ्यर्थियों से वसूली की थी। सीएम योगी ने जांच के आदेश दिए थे। सरकार ने धांधली के आरोप लगने के बाद इस परीक्षा को रद्द कर दिया था। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 33 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। एक लाख से ज्यादा आवेदन आए थे।

16 और 17 नवंबर, 2025 को प्रदेश के 52 केंद्रों पर परीक्षा हुई थी। 4 सितंबर को यूपीएचईएससी ने नतीजे घोषित किए थे। सिर्फ इंटरव्यू होना था। आयोग अध्यक्ष ने बताया- 16 और 17 अप्रैल 2025 को प्रस्तावित असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को पहले स्थगित कर दिया गया था। अब उस परीक्षा को नए सिरे से अप्रैल 2026 में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। परीक्षा से संबंधित परीक्षा केंद्र, पाली और प्रवेश पत्र की जानकारी उम्मीदवारों को अलग से समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।

3,539 पदों की ज्ळज् भर्ती परीक्षा बार-बार टली

प्रदेश में 3539 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए जारी प्रक्रिया बार बार टली। इन पदों के लिए जनवरी 2022 में विज्ञापन जारी किया गया था। भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 8.68 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी है।

शिक्षा आयोग द्वारा ज्ळज् परीक्षा की तिथि पहले 4 और 5 अप्रैल 2025 प्रस्तावित की गई थी। बाद में यह परीक्षा नहीं हो सकी तो नई तिथि 14 और 15 मई तय की गई, लेकिन उस समय भी परीक्षा आयोजित नहीं कराई जा सकी। इसके बाद अभ्यर्थियों में असमंजस और नाराजगी बढ़ती गई। इसके बाद आयोग ने परीक्षा की नई तिथि 21 और 22 जुलाई घोषित की, लेकिन एक बार फिर परीक्षा नहीं हो पाई। अभ्यर्थियों को बाद में बताया गया कि परीक्षा 30 और 31 जुलाई को कराई जाएगी, हालांकि इन तिथियों पर भी परीक्षा नहीं हुई। बार-बार तिथियां बदलने से अभ्यर्थियों का भरोसा भर्ती प्रक्रिया पर कमजोर होता गया।

आखिर दिसंबर तक तय हुई तारीख, फिर आयोग अध्यक्ष का इस्तीफा हो गया

लगातार असफलताओं के बाद तत्कालीन अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पाठक ने अगस्त में एक बैठक कर परीक्षा की नई तिथि 18 और 19 दिसंबर निर्धारित की। इसी बीच 22 सितंबर को उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया, जिसे 26 सितंबर को स्वीकार कर लिया गया। अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर अनिश्चितता में फंस गई।

21 जनवरी 2022 को हुई थी टीईटी की परीक्षा

इसके पहले यूपी टीईटी की परीक्षा 28 नवंबर 2021 को लीक हो जाने के कारण निरस्त कर दी गई थी। काफी जद्दोजहद के बाद यह परीक्षा 21 जनवरी 2022 को कराई गई थी। इसके बाद से अभी तक यह परीक्षा नहीं हो सकी थी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस परीक्षा के इंतजार में हैं।

आयोग ने कुछ महीने पहले ही 29 और 30 जनवरी 2025 को इस परीक्षा कराने की तिथि घोषित कर दी। लेकिन आयोग की अध्यक्ष रहीं प्रो. कीर्ति पांडेय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। नए अध्यक्ष की नियुक्ति में समय लगने के कारण यह परीक्षा फिर से फंस गई। वहीं आयोग के नए अध्यक्ष के रूप में प्रशांत कुमार ने चार्ज लिया। इसके बाद हुई पहली बैठक में ही इस पर निर्णय लिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- बिना टीईटी पास शिक्षक योग्य नहीं

1 सितंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट तमिलनाडु और महाराष्ट्र में टीचिंग के लिए टीईटी की अनिवार्यता से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। मामले को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह सुन रहे थे। इसके बाद उन्होंने फैसला दिया- जिन टीचर्स की नौकरी को 5 साल से ज्यादा बचे हैं, उन्हें टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट क्वॉलिफाई करना जरूरी होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो उन्हें इस्तीफा देना होगा या फिर कंपल्सरी रिटायरमेंट लेना होगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पूरे देश में करीब 10 लाख टीचर प्रभावित हुए। अकेले यूपी में 2 लाख शिक्षकों पर असर पड़ा। कोर्ट ने अपने इस निर्देश में कहा कि माइनॉरिटी इंस्टीट्यूशंस पर यह फैसला लागू होगा या नहीं, इसका फैसला बड़ी बेंच करेगी।

अभ्यर्थियों में बढ़ी तैयारी की रफ्तार

परीक्षा कैलेंडर जारी होने के बाद लाखों अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने का मौका मिल गया है। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों में इस घोषणा के बाद उत्साह देखा जा रहा है। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी अपडेट के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।

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