स्वामी गंगापुरी का आशीष लेने भक्तों में मची रहती है होड़
प्रयागराज (राजेश सिंह)। तन पर धूनी, गूंथी हुई जटा। शरीर की लंबाई केवल तीन फीट आठ इंच और अवस्था 57 वर्ष। नाम है स्वामी गंगापुरी उर्फ छोटू बाबा। लोक कल्याण के लिये जीवन समर्पित कर परिवार से विरक्त हुए इस सन्यासी का आगमन माघ मेले में हुआ है। मन पूजा पाठ में और दाहिना हाथ उठा कर भक्तों को आशीर्वाद देते स्वामी गंगापुरी इन दिनों आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। हर किसी में उनसे आशीर्वाद लेने की होड़ रहती है।
लोक कल्याण को साधु-संतों का जप-तप
धर्म और अध्यात्म की नगरी प्रयागराज में माघ मेला लग चुका है। महाकुंभ के बाद इस मेले में महान तपस्वी बाबाओं ने आकर संगम तट की पावनता और बढ़ा दी है। लोक कल्याण के लिए साधु-संतों का जप और तप चल रहा है। हर तरफ ज्ञान की बयार बह रही है।
नौ वर्ष के थे, तभी लिया था संन्यास
मेला क्षेत्र के पुल नंबर तीन के पास सेक्टर पांच में गोहाटी से आए स्वामी गंगापुरी भी अपने शिष्यों के साथ धूनी रमाए जप-तप में लीन हैं। जब वे नौ वर्ष के थे, तब ही संन्यास ले लिया था। इसके बाद से लोक कल्याण के लिए तपस्या कर रहे हैं। न तो बहुत बड़ा शिविर और न ही कोई आडंबर। छोटी से कुटिया बनाकर उसी में दिन रात गुजार रहे हैं।
बोले- साधु वही जो दूसरों के लिए त्याग करे
स्वामी गंगापुरी ने बताया कि पहली बार महाकुंभ में आए थे। दूसरी बार माघ मेला में आए हैं। कहते हैं कि साधु वही है, जो दूसरों के लिए त्याग करे। लोक कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित करे। इस पृथ्वी पर जन्म लेने वाले हर मनुष्य को हिंसा से दूर रहना चाहिए। मोह, माया से विरक्त रहकर परम पिता परमेश्वर की आराधना करनी चाहिए।
