तेल अवीव। बुधवार को इस्राइली संसद नेसेट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने इस्राइल पर हमास के हमले की निंदा की और कहा कि भारत, इस्राइल के साथ खड़ा है। नेसेट को संबोधित करने वाले पीएम मोदी भारत के पहले नेता हैं।पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इस्राइल के संबंध हजारों साल पुराने हैं। पीएम मोदी ने कहा, मैं देख रहा हूं कि कल से जिस तरह से मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का इस्राइल में स्वागत सम्मान हुआ है। यह इस्राइल के लोगों के दिल में भारत के प्रति जो प्यार है, उसका प्रतिबिंब है।
भारत और इस्राइल के संबंध विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत हो रहे हैं। खासकर पानी, कृषि के क्षेत्र में इस्राइल को महारत हासिल है। भारत भी कृषि क्षेत्र में इस्राइल की नीतियों को लागू करने की कोशिश कर रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय इस्राइल दौरा सिर्फ कूटनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। सड़कों से लेकर संसद भवन तक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ग् पर भी उनका नाम छाया रहा।
हिब्रू यूनिवर्सिटी ने पीएम मोदी को कहा धन्यवाद
इस्राइली नेसेट में दिए गए पीएम मोदी के भाषण के लिए हिब्रू यूनिवर्सिटी ने उन्हें धन्यवाद दिया। दरअसल पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच अकादमिक सहयोग बढ़ाने की बात कही। इस्राइली यूनिवर्सिटी ने एक बयान में पीएम मोदी को धन्यवाद दिया।
इस्राइल दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने यरूशलम में होलोकॉस्ट स्मारक श्याद वाशेमश् पहुंचकर नरसंहार के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। जर्मनी में नाजी शासनकाल के दौरान कुख्यात तानाशाह हिटलर ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यहूदियों के खिलाफ अभियान चलाया था, जिसमें बड़े-बड़े कैंप बनाकर लाखों यहूदियों को जहरीली गैस से मार दिया गया था। इसे होलोकॉस्ट के नाम से जाना जाता है। होलोकॉस्ट में 60 लाख लोगों के मारे जाने का दावा है। होलोकॉस्ट पीड़ितों की याद में ही याद वाशेम स्मारक बनाया गया है। पीएम मोदी ने बुधवार को इस्राइल में टेक इनोवेशन एग्जीबिशन का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू भी रहे। पीएम मोदी ने एग्जीबिशन में एआई, स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में नवाचार के बारे में जानकारी ली। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में भी इस एग्जीबिशन का जिक्र किया। एग्जीबिशन में पीएम मोदी ने विभिन्न टेक एंटरप्रेन्योर्स से बातचीत की और उन्हें भारत में निवेश का न्योता दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी को इस्राइली संसद का सर्वाेच्च सम्मान स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल मिलने पर बधाई दी है। सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में राजनाथ सिंह ये बधाई दी। उन्होंने लिखा कि यह दोनों देशों के बीच के गहरे विश्वास, आपसी सम्मान और रणनीतिक सहयोग को दर्शाता है। आज इस्राइल दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी होलोकास्ट स्मारक याद वाशेम जाएंगे। साथ ही आज दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर भी हस्ताक्षर हो सकते हैं।
पीएम मोदी के इस्राइल पहुंचने पर उनके स्वागत के दौरान इस्राइली पीएम नेतन्याहू ने कहा कि अगर भारत-इस्राइल भाईचारे पर कोई बॉलीवुड फिल्म बने तो वह जबरदस्त हिट साबित होगी। यह टिप्पणी दोनों देशों के मजबूत संबंधों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को दिखाती है। बेंजामिन नेतन्याहू ने साल 2018 में भारत दौरे के दौरान कहा था कि इस्राइल को बॉलीवुड बेहद पसंद है और दोनों देशों के बीच सिनेमा के क्षेत्र में गहरा जुड़ाव भी है।
भारत और इस्राइल के बीच फिल्म सह-निर्माण समझौता साल 2018 में हुआ था, जब नेतन्याहू भारत आए थे। इस समझौते को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। समझौते के तहत सह-निर्मित फिल्मों को दोनों देशों में राष्ट्रीय उत्पादन का दर्जा मिला है। इससे भारतीय फिल्म निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय फंडिंग, पटकथा लेखन, प्रतिभा और वितरण में सहयोग मिलता है।
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते से दोनों देशों के रचनात्मक, तकनीकी, फाइनेंशियल और मार्केटिंग रिसोर्स का साझा उपयोग संभव हुआ है। सह-निर्मित फिल्में दोनों देशों के फिल्म समारोहों में घरेलू फिल्म की तरह भाग ले सकती हैं। साथ ही निर्माण और पोस्ट-प्रोडक्शन में प्रोत्साहन भी मिलते हैं।
यह समझौता कलात्मक और तकनीकी कर्मियों के बीच रोजगार सृजन में मददगार साबित हो रहा है। इससे कला-संस्कृति का आदान-प्रदान बढ़ा है और दोनों देशों के लोगों के बीच सद्भावना मजबूत हुई है। साल 2018 में भारत यात्रा के दौरान श्शालोम बॉलीवुडश् कार्यक्रम में नेतन्याहू ने अमिताभ बच्चन, इम्तियाज अली समेत अन्य सितारों से मुलाकात भी की थी। उन्होंने बॉलीवुड को इस्राइल में शूट करने का न्योता दिया था और कहा था कि इस्राइल और उन्हें बॉलीवुड पसंद है।
भारत-इस्राइल में नई तेजी, उन्नत और संवेदनशील तकनीकों पर बढ़ेगा सहयोगरू रूवेन अजार
भारत में इस्राइली राजदूत रूवेन अजार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस्राइल यात्रा और भारत-इस्राइल संबंधों पर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और प्रधानमंत्री के भाषण ने सभी को गहराई से प्रभावित किया। अजार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आतंकवाद के खिलाफ बिना किसी समझौते के सख्त लड़ाई की बात कही और स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के लिए किसी भी प्रकार का बहाना स्वीकार्य नहीं है। राजदूत अजार ने दोनों देशों के रिश्तों के भविष्य पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि भारत और इस्राइल अब अपने सहयोग को अधिक व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, खासकर संवेदनशील और उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में। उन्होंने कहा कि हाल में हुए समझौतों ने दोनों देशों को इस दिशा में काम करने का ठोस तंत्र प्रदान किया है। अब इन समझौतों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों देश उनके क्रियान्वयन के चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं।
मोदी के इस्राइल दौरे का आज दूसरा दिन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्राइल दौरे का आज दूसरा दिन है। पीएम मोदी आज होलोकॉस्ट पीड़ितों के लिए इस्राइल के आधिकारिक स्मारक, याद वाशेम जाएंगे। इसके अलावा, पीएम मोदी इस्राइली प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान भारत और इस्राइल के बीच ड्रोन की खरीद समेत कई बड़े रक्षा समझौतों पर सहमति बन सकती है। लगभग नौ साल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजकीय यात्रा पर इस्राइल गए हैं।