हनुमानगंज, प्रयागराज। फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल ने 18वीं लोकसभा में बजट सत्र 2026 के दौरान गुरुवार को 1992 में भारतीय संविधान में किए गए 74वें संसोधन का हवाला देते हुए नगर निकाय के अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, केरल, बंगाल आदि राज्यों में 74वां संसोधन पूरी तरह लागू किया गया किंतु उत्तर प्रदेश में यह संशोधन आंशिक रूप से ही लागू हो सका।
प्रवीण पटेल ने सदन के पटल पर अपनी मांग रखते हुए कहा उत्तर प्रदेश में भी 74वां संसोधन पूरी तरह से लागू किया जाए, जिससे लोकतांत्रिक प्रणाली सुदृढ़ हो सके, वित्तीय स्वायत्तता बढ़ सके और नागरिकों की भागीदारी में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा 74वां संसोधन लागू होने से महापौरों तथा पार्षदों को वास्तविक जनप्रतिनिधि का दर्जा प्राप्त हो सकेगा और उन्हें वेतन भत्ता भी प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश में 74वां संसोधन पूरी तरह से लागू नही होने से प्रदेश में नगर निकायों की लोकतांत्रिक प्रणाली कमजोर हुई है। नगर निगम के महापौरों और पार्षदों को न तो जनप्रतिनिधि का दर्जा मिलता है और न ही उन्हें वेतन भत्ता मिलता है।
