डीआइओएस को व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, अब नए शैक्षिक सत्र में अड़चन नहीं
प्रयागराज (राजेश सिंह)। यूपी बोर्ड से अधिकृत प्रकाशकों के माध्यम से मुद्रित कराई गईं कक्षा नौ से 12 तक की पाठ्य पुस्तकों से नए शैक्षिक सत्र अप्रैल से पढ़ाई कराए जाने में अब कोई अड़चन नहीं है। तीन अधिकृत प्रकाशकों की पाठ्य पुस्तकों के अलावा अन्य कोई किताबें/गाइड बुक न पढ़ाए जाने की यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह की विज्ञप्ति के विरुद्ध दाखिल याचिकाएं हाई कोर्ट से खारिज हो गईं।
यूपी बोर्ड ने प्रकाशकों की सूची जारी
यूपी बोर्ड ने अपनी 12 तथा एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम पर आधारित 36 विषयों की 70 पाठ्य पुस्तकें मुद्रित करने वाले प्रकाशकों की सूची जारी की है। इन प्रकाशकों की किताबें फरवरी के प्रारंभ में जनपदों में निर्धारित पुस्तक विक्रेताओं के यहां उपलब्ध करा दी गई हैं।
विद्यार्थी अन्य कोई पाठ्य पुस्तकें पढ़ने को बाध्य नहीं
बोर्ड सचिव ने आठ जनवरी को जारी विज्ञप्ति में कहा था कि प्रदेश के सभी राजकीय, एडेड एवं स्ववित्तपोषित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट (कक्षा नौ से 12 तक) विद्यालयों में यूपी बोर्ड से अधिकृत प्रकाशकों से मुद्रित पाठ्य पुस्तकों के अलावा अन्य कोई पाठ्य पुस्तक प्रचलित नहीं की जाएगी। विद्यार्थियों को अधिक मूल्य/अनधिकृत पाठ्य पुस्तकें/गाइड बुक आदि खरीदने/पढ़ने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
बोर्ड सचिव के अनुसार याचिका निस्तारित
बोर्ड सचिव के अनुसार इस संबंध में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राजीव प्रकाशन एंड कंपनी व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य याचिका को इस आशय से निस्तारित कर दिया गया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) की आठ जनवरी की विज्ञप्ति में हस्तक्षेप करने का कोई औचित्य नहीं पाया गया। यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई अनधिकृत प्रकाशक किसी संबंधित कानून का उल्लंघन करते पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यावाही सुनिश्चित की जाएगी। जरूरी तथ्य है कि कई वर्षों बाद पहली बार है कि शैक्षिक सत्र से पहले पाठ्यपुस्तकें बाजार में उपलब्ध हुई हैं।
मुद्रक एवं कक्षावार पाठ्य पुस्तकों के वितरक
यूपी बोर्ड की ओर से कक्षा नौ तथा 12 की पाठ्यपुस्तकें मेसर्स पायनियर प्रिंटर्स एंड पब्लिशर्स आगरा, कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तकें मेसर्स पीतांबरा बुक्स प्राइवेट लिमिटेड बिजौली झांसी तथा कक्षा 11 की पाठ्यपुस्तकें मेसर्स सिंघल एजेंसीज लखनऊ ने मुद्रित कर विक्रय के लिए हर जिले में निर्धारित पुस्तक विक्रेताओं के यहां उपलब्ध कराई हैं। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वर्ष 2026 की परीक्षा के बाद अधिकृत और सस्ती पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता विद्यार्थियों के लिए सुनिश्चित कराएं। इसके लिए राजकीय विद्यालयों में पुस्तक विक्रय शिविर भी लगाए जाने के निर्देश दिए हैं।
किसी भी प्रकार की पाठ्य पुस्तकों के पढ़ाने की सूचना भ्रामक: सचिव
यूपी बोर्ड के संज्ञान में आया है कि कतिपय अनधिकृत प्रकाशकों द्वारा एनसीईआरटी के नाम पर अपनी पुस्तकें प्रकाशित कर छात्र-छात्राओं को भ्रमित कर विक्रय करने का प्रयास किया जा रहा है। अनधिकृत प्रकाशकों द्वारा यह भ्रामक सूचना भी प्रसारित की जा रही है कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के नियंत्रण वाले विद्यालयों में किसी भी प्रकार की पाठ्य पुस्तकें पढ़ाई जा सकती हैं। यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने इसे सही नहीं बताया है। कापीराइट का उल्लंघन करने, पायरेसी/डुप्लीकेसी करने तथा किसी भी पुस्तक विक्रेता द्वारा नकली तथा अधिक मूल्य पर पाठ्यपुस्तकों का विक्रय करते पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।
