प्रयागराज (राजेश सिंह)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू कर दी है। प्रदेश में 222 अतिसंवेदनशील और 683 संवेदनशील परीक्षा केंद्र चिह्नित किए गए हैं। करीब एक हजार संदिग्धों के मोबाइल नंबर एसटीएफ और खुफिया एजेंसियों के सर्विलांस पर हैं। प्रयागराज समेत 20 संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल जैमर भी लगाए गए हैं।
इस वर्ष यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल के 27,61,696 और इंटरमीडिएट के 25,76,082 परीक्षार्थी शामिल होंगे। प्रदेश के 75 जिलों में कुल 8033 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। हाल ही में मुख्य सचिव एसपी गोयल की बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने प्रमुख सचिव गृह को पत्र लिखकर अतिसंवेदनशील केंद्रों पर एसटीएफ और एलआईयू की तैनाती के निर्देश दिए थे।
एसटीएफ ने कार्रवाई तेज करते हुए प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा सहित 18 जिलों में करीब 1000 से अधिक स्कूल संचालकों, प्रधानाचार्यों, गाइड विक्रेताओं, शिक्षकों व अन्य संदिग्ध लोगों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर ले लिए हैं। नकल रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
संवेदनशीलता के आधार पर प्रदेश के 18 जिलों की विशेष निगरानी की जा रही है। संदिग्ध लोगों के मोबाइल नंबर एसटीएफ और खुफिया एजेंसियों के रडार पर हैं। 20 स्थानों पर जैमर लगा दिए गए हैं। हालांकि, सुरक्षा कारणों से स्थानों का खुलासा नहीं किया जा सकता। - भगवती सिंह, सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद
