प्रयागराज (राजेश सिंह)। गर्भ में बेटी का पता चलने पर गला दबाकर विवाहिता को जान से मारने की कोशिश करने और दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने का मामला सामने आया है। इससे परेशान पीड़िता आंचल गुप्ता ने कीडगंज थाने में पति भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआइसी) के अधिकारी अंकुश केसरवानी, ससुर रमाशंकर, सास, विमला, मौसेरे ससुर संतोष, ननद प्रियंका और डाॅ. श्वेता केसरवानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपित मूलरूप से खखरेरू फतेहपुर के रहने वाले हैं। वर्तमान समय में राजस्थान के उदयपुर में रहते हैं।
त्रिवेणी रोड, कीडगंज निवासी आंचल का कहना है कि वर्ष 2021 में उसकी शादी अंकुश के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल वाले कहने लगे कि दहेज में मिली कार अच्छी नहीं है, दूसरी ले आओ। इसके बाद पति ने कार को बेच दिया और दूसरी कार के लिए दबाव बनाने लगे।
आरोप के अनुसार गर्भवती होने पर साजिश के तहत उसका भ्रूण परीक्षण कराया, जिससे बेटी होने का पता चला। तब ससुराल वालों ने गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। इसके बाद गर्भावस्था में घर से निकाल दिया। मायके में बेटी को जन्म देने के बाद कई अस्पताल में इलाज चला, लेकिन ससुराल वालों ने पैसा नहीं दिया। इससे परेशान महिला ने पुलिस को शिकायत दी। इंस्पेक्टर कीडगंज वीरेंद्र कुमार का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
