झूंसी, प्रयागराज (जितेंद्र शुक्ल)। संगम क्षेत्र झूंसी स्थित तपोवन आश्रम में आयोजित सभा में सनातन धर्म पर कथित टिप्पणी को लेकर वक्ताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। इसे संवेदनशील और व्यापक सामाजिक प्रभाव का मामला बताते हुए उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। कार्यक्रम में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील भी की गई।
सभा में उपस्थित आचार्य हरि कृष्ण शुक्ला एडवोकेट, हाईकोर्ट प्रयागराज ने कहा कि प्रकरण की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेकर सिटिंग जज की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने पर विचार करना चाहिए। उनका कहना था कि धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता से जुड़े मामलों में समयबद्ध न्यायिक हस्तक्षेप जनविश्वास को मजबूत करता है।
कार्यक्रम के दौरान एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यक्ति के आपराधिक इतिहास को लेकर भी सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति पर कई मुकदमे दर्ज होने की चर्चा है जिसकी आधिकारिक पुष्टि और स्वतंत्र जांच आवश्यक है। साथ ही यह भी मांग की गई कि जांच एजेंसी इस पहलू की पड़ताल करे कि कहीं किसी सुनियोजित साजिश के तहत धार्मिक भावनाएं भड़काने या छवि धूमिल करने का प्रयास तो नहीं हुआ। सभा में देशी अथवा विदेशी फंडिंग की संभावित भूमिका की भी जांच कराने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि वित्तीय लेन-देन, संबंधित संगठनों की पृष्ठभूमि और डिजिटल साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अंत में आयोजकों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य सत्य को सामने लाना और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना है। इस अवसर पर आयोजित सभा में प्रमुख रूप से जितेंद्र पांडे, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट, रामकृष्ण शुक्ला, श्रीकृष्णा शुक्ला, दीपक शुक्ला व बृजेश भारतीय सहित तमाम लोगों उपस्थित रहे।
