प्रयागराज (राजेश सिंह)। होली के त्यौहार से पहले ही सेंट्रल और जिला जेल में सख्ती के दी गई है। 4 मार्च को होली पड़ने के दौरान मुलाकात ओर रोक हर बार की तरह लगाई गई है। इसके पहले होने वाली मुलाकात में मुलाकातियों के लिए भी सख्ती की गई है।
जेल में बंदियों से मुलाकात करने के लिए आने वाले उनके परिजनों की सघन तलाशी के बाद उन्हें अंदर भेजा जा रहा है। इसके साथ ही उनके सामानों की तलाशी ली जा रही है। बंदियों के समानों में किसी भी प्रकार का कोई बाहरी खाद्य पदार्थ ले जाने की अनुमति नहीं है। इसके लिए एक नोटिस भी चस्पा किया गया है। जेल में मुलाकात के लिए आने वाले मुलाकातियों पर भी सख्ती की गई है।
खुद में बनाए हर्बल रंगों से बंदी खेलेंगे होली
सेंट्रल जेल में बंदियों को कुछ दिनों पहले ही हर्बल रंगों को बनाने का प्रशिक्षण दिया गया था। जो अब तैयार हो चुका है। बंदी जेल के अंदर होली खुद के बनाए हर्बल रंगों से होली खेलेंगे। यह रंग उनके शरीर को नुकसान भी नहीं पहुंचाएगा और उन्हें स्किन समस्या भी नहीं होगी। बंदियों को होली खेलने के लिए उनके सर्किल और बैरकों में ही समयानुसार निकला जाएगा। समय समाप्त होने के बाद वह अपने सर्किलों में रोज की तरह ही रहेंगे।
होली पर मिलेगा स्वादिष्ट व्यंजन
जेल प्रशासन की ओर से बंदियों को होली के अवसर पर स्वादिष्ट व्यंजन परोसा जाएगा। इस लिए पहले से तैयारी की जा रही है। जिला जेल और सेंट्रल जेल में बंदियों को एक समय सादा खाना दाल, चावल, रोटी और सब्जी मिलेगी। दूसरी मीटिंग में पनीर की सब्जी, पूड़ी और सूजी का हलवा परोसा जाएगा।
सेंट्रल जेल के अधीक्षक विजय विक्रम सिंह और जिला जेल अधीक्षक अमिता दुबे के मुताबिक जेल के बंदियों को भी होली का पर्व मनाने का पूरा हक है। इस पर्व पर वह जेल के अंदर साधारण तौर पर होली खेलेंगे। उन्हें हर्बल रंग दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें समयानुसार स्वादिष्ट व्यंजन परोसा जाएगा। वह अपने सर्किलों में बंदी भाइयों से अबीर गुलाल लगाकर गले मिलेंगे और होली मनाएंगे।
