3 हजार से अधिक आबादी और चार-पाँच गांवों का आवागमन ठप, स्कूली बच्चों पर सबसे बड़ा असर
झूंसी, प्रयागराज (जितेन्द्र शुक्ल)। प्रयागराज शहर के कटका वार्ड-50 में रेलवे प्रशासन द्वारा अचानक 70 वर्षों पुराने सीमेंटेड मुख्य मार्ग को तोड़ दिए जाने से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश फैल गया है। इस मार्ग के बंद हो जाने से कटका ग्राम सभा की लगभग 3 हज़ार आबादी के साथ-साथ आसपास के चार-पाँच गांवों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मार्ग कटका ग्राम सभा का मुख्य मार्ग है, जो कटका, तुलापुर, दुर्जनपुर, लक्ष्मीपुर और लेखराजपुर सहित कई गांवों को आपस में जोड़ता है। सुबह-शाम सैकड़ों लोग इसी मार्ग से आवागमन करते थे। रेलवे द्वारा रास्ता तोड़ दिए जाने के बाद न तो चार पहिया वाहन, न ही दो पहिया वाहन गुजर पा रहे हैं।
इससे सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। स्कूल बस, आटो और टैक्सी अब इस मार्ग से नहीं आ पा रही हैं, जिसके कारण बच्चों को आने-जाने में काफी कठिनाई हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि किसी को अस्पताल ले जाना हो, कोई आपात स्थिति हो या कोई अन्य समस्या उत्पन्न हो तो भी अब आवागमन संभव नहीं हो पा रहा है।
यह मार्ग लगभग 70 वर्ष पुराना है। ग्राम सभा गठन के बाद पहले कच्ची सड़क बनी, फिर खड़ंजा बना, उसके बाद पीडब्ल्यूडी द्वारा सीमेंटेड सड़क का निर्माण हुआ। नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बाद आरसीसी (कंक्रीट) सड़क बनाई गई। लोगों का कहना था कि अब रास्ता हमेशा के लिए अच्छा हो गया, लेकिन रेलवे ने अचानक इसे तोड़कर पूरा मार्ग बंद कर दिया।
मौके पर इकट्ठा हुए स्थानीय निवासियों ने रेलवे और प्रशासन के खिलाफ अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने मांग की है कि मानवता और जनहित को देखते हुए रेलवे विभाग तत्काल इस मार्ग को एक तरफ से कम से कम 20 फीट चौड़ा वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराए, ताकि लोगों का आवागमन सुचारू हो सके।
प्रदर्शन में प्रमुख लोगों में गंगा प्रसाद, श्यामधर शुक्ला, राम अनुज यादव, रोहित, छोटे लाल, बृजेश, संदीप, राहुल, अनिकेत, सचिन, अंतिम, राम तीरथ, संतोष कुमार, बबलू, सुरेश प्रधान, राजेंद्र, सर्वेश, गुलशन, अजय रमन सहित सैकड़ों स्थानीय निवासी शामिल रहे।


