मिडिल ईस्ट से लौटे भारतीयों ने बयां किए वहां के हालात
नई दिल्ली। एतिहाद के बाद अब एमिरेट्स व ओमान एयर ने भी नई दिल्ली के लिए अपनी उड़ान सेवाओं को बहाल कर दिया है। सोमवार रात अबुधाबी से पहुंची उड़ान के बाद मंगलवार को चार उड़ानें नई दिल्ली पहुंची। इनमें दो उड़ान दुबई से और दो उड़ानें ओमान की राजधानी मस्कट से पहुंची। इन उड़ानों से अलग अलग समय पहुंचे यात्रियों का जत्था आईजीआई एयरपोर्ट से जब बाहर निकलता तब इनके चेहरे पर अपनों से मिलने की खुशी और युद्ध के मंजर की दहशत, दोनों साफ झलकती दिखी।
तीनों उड़ानों से करीब 800 यात्री पहुंचे
सबसे पहले दुबई से एमिरेट्स की उड़ान देर रात करीब दो बजे एयरपोर्ट पर उतरी। इसके बाद पौने नौ बजे ओमान एयर का विमान मस्कट से आइजीआइ एयरपोर्ट के रनवे पर उतरा। इसके करीब चार घंटे बाद ओमान एयर का ही एक और विमान मस्कट से भारतीय यात्रियों को लेकर आया। तीनों उड़ानों की बात करें तो करीब 800 यात्री इनसे पहुंचे। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच छिड़ी भीषण जंग के बीच, मौत के साये से निकलकर जब ये यात्री आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल से बाहर निकल रहे थे तो, यात्री से ज्यादा उनका इंतजार कर रहे उनके स्वजन ज्यादा भावुक नजर आ रहे थे। स्वजन का कहना था कि जब से संकट की शुरुआत हुई, तब से उनके लिए एक एक पल बिताना भारी पड़ रहा था। वहीं यात्रियों का कहना था कि युद्ध के कारण दुबई में तनाव तो है, लेकिन वहां के हालात इतने भी चिंताजनक नहीं है, जितने यहां लोग समझ रहे हैं।
'युद्ध के बारे में केवल सुना था, देखा पहली बार'
शुभम नोएडा के रहने वाले हैं और दुबई छुट्टियां मनाने गए थे। वे बताते हैं कि हमने कभी सोचा भी नहीं था कि दुबई में हालात ऐसे होंगे। युद्ध के बारे में आजतक केवल सुना था, लेकिन वहां आंख के सामने युद्ध होता देखा। आसमान से कब कहां मिसाइल या ड्रोन गिर जाए किसी को नहीं पता। डर तो लगता था, लेकिन दुबई के एयर डिफेंस की ताकत ऐसी है कि ईरान के अधिकांश ड्रोन व मिसाइल हवा में ही इंटरसेप्ट कर लिए जाते थे। जमीन पर केवल इंटरसेप्ट किए गए मिसाइल या ड्रोन का मलबा गिर रहा था। इस बीच लोग मलबे के गिरने की संभावित जगह का अंदाजा लगाकर वहां से दूर हो जाते थे। अब नई दिल्ली पहुंचकर घर में जो सुरक्षा का अहसास होता है, वह हो रहा है।
रात में मिसाइल अलॉर्म की आवाज सोने नहीं देती थी
दुबई से ओमान में दाखिल हो मस्कट से नई दिल्ली पहुंचने वाले पीयूष का कहना है कि दुबई में ऐसे तो सबकुछ सही है, लेकिन मिसाइलों को जब इंटरसेप्ट किया जाता है और उससे तेज आवाज निकलती है, वह सुनना काफी भयावह अनुभव रहा। इंटरसेप्ट के बाद जहां मिसाइल या ड्रोन का मलबा गिरता है, वहां आसपास के इलाके में साइरन बजना शुरू हो जाता है।
एयर डिफेंस के साइरन का शोर जीवन का पहला अनुभव रहा। इस अनुभव को मैं दोबारा सुनना बिल्कुल नहीं चाहूंगा। पीयूष बताते हैं कि दुबई से टैक्सी लेकर ओमान बार्डर के लिए कैब से किया गया सफर सही रहा, लेकिन डर तो लगता है। रात में मिसाइल अलार्म की आवाज सोने नहीं देती थी।
एक लाख रुपये में खरीदा टिकट
यात्री वरुण भी ओमान की राजधानी मस्कट से नई दिल्ली लौटने वाले यात्रियों के जत्थे में थे। वरुण कहते हैं कि वहां के हालात ऐसे हैं कि फिलहाल हर कोई अपने अपने वतन लौटना चाहता है। मैं खुशनसीब हूं कि मुझे उड़ान मिली और मैंने मुंहमांगी रकम देकर टिकट बुक कराई। मस्कट से यहां तक आने में करीब एक लाख रुपये खर्च हुए। सरकार को कोशिश करनी चाहिए कि वहां फंसे सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द निकालकर स्वदेश वापस लाया जाए।
तत्परता से लोग कर रहे मदद
चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल की बेटी सौम्या खंडेलवाल भी व्यापारिक कार्य से पिछले तीन दिनों से दुबई में फंसी हुई थी, लेकिन मंगलवार सुबह सुरक्षित लौट आई हैं। उन्होंने बताया कि वहां न केवल भारतीय समुदाय बल्कि दुबई के स्थानीय नागरिक भी लोगों की सहायता के लिए पूरी तत्परता से आगे आ रहे थे। युद्ध की परिस्थितियों के बावजूद, सुरक्षा संबंधी आवश्यक सावधानियों को छोड़ दें तो जीवन सामान्य रूप से चलता हुआ दिखाई दिया। भारतीय दूतावास और भारतीय मिशन भी लगातार ऐसे सभी लोगों के संपर्क में रहे और यथासंभव सहायता प्रदान करते रहे।
एअर इंडिया के पहुंचे दो विशेष विमान
तनावपूर्ण हालातों के बीच एअर इंडिया ने दुबई में फंसे भारतीय यात्रियों और क्रू सदस्यों की सुरक्षित वतन वापसी कराई है। मंगलवार दिन में करीब 11 बजे विशेष विमान इनका पहला विशेष विमान करीब 150 यात्रियों को लेकर आईजीआई एयरपोर्ट पर उतरा। इससे पहले दुबई में फंसे एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के 143 काकपिट और केबिन क्रू सदस्यों को भी विशेष विमान एआइ918डी के जरिए सुरक्षित दिल्ली लाया गया।
