प्रयागराज। भारतीय रेलवे में अराजपत्रित श्रेणी से राजपत्रित अधिकारी बनने का सपना संजोए बैठे हजारों रेलकर्मियों के अधिकारी बनने का इंतजार और बढ़ गया है। रेलवे में ग्रुप 'बी' के पदों के लिए होने वाली विभागीय प्रतियोगी एक बार फिर से परीक्षा स्थगित कर दी गयी है।
यह दूसरी बार है जब परीक्षा स्थगित करने पर निर्णय हुआ है। पहले यह परीक्षा मार्च में होनी थी, फिर से अप्रैल में करने का निर्णय लिया गया था। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। फिलहाल कंप्यूटर आधारित परीक्षा 12 अप्रैल और 19 अप्रैल को नहीं होगी।
इस संबंध में रेलवे बोर्ड उप निदेशक (स्थापना) मनदीप कुमार ने उत्तर मध्य रेलवे सहित सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को 26 फरवरी की देर रात आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है। इस फैसले से उन कर्मचारियों को झटका लगा है जो लंबे समय से परीक्षा की तैयारी में जुटे थे, हालांकि कुछ अभ्यर्थियों के लिए इसे तैयारी का एक और मौका भी माना जा रहा है।
बोर्ड के अनुसार मार्च-अप्रैल के दौरान वित्तीय वर्ष की समाप्ति और होली के त्योहार पर चलने वाली स्पेशल ट्रेनों के संचालन के कारण विभिन्न जोनल रेलवे ने इसे आगे बढ़ाने की मांग की थी। सभी जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट्स को सलाह दी गई है कि वे पूरी तरह तैयार रहें ताकि नई तारीखों का ऐलान होते ही परीक्षा कराई जा सके। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि जल्द परीक्षा की नई तिथि जारी होगी।
क्या है ग्रुप बी एलडीसीई कोटा
रेलवे में करियर की ऊंची उड़ान भरने के लिए यह परीक्षा एक शार्टकट की तरह है। यह मुख्य रूप से उन ग्रुप सी कर्मचारियों के लिए है जो पे लेवल-6 या उससे ऊपर के पदों पर कार्यरत हैं। वे कर्मचारी जिन्होंने अपने विभाग में कम से कम पांच साल की नियमित सेवा पूरी कर ली है, वे इसमें शामिल हो सकते हैं। इस 30 प्रतिशत कोटे के जरिए योग्य कर्मचारी वरिष्ठता की लंबी प्रतीक्षा किए बिना अपनी काबिलियत के दम पर सीधे अधिकारी रैंक तक पहुंच सकते हैं।
