प्रयागराज (राजेश सिंह)। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य रविवार को परेड ग्राउंड में आयोजित प्रादेशिक सरस मेले के द्वितीय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के द्वितीय दिवस सांसद व गायक मनोज तिवारी, पद्मश्री कैलाश खेर, गायिका तृप्ति शाक्या के द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। सरस मेला 10 दिनों तक लगातार चलता रहेगा, जिसमें विभिन्न कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जायेगी। सरस मेले विभिन्न विभागों के द्वारा वृहद स्तर पर उनसे सम्बंधित स्टॉल लगाये गये है। माननीय उपमुख्यमंत्री जी के द्वारा मेले में लगाए गए स्टालों पर जाकर स्वयं सहायता समूह के द्वारा निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया गया तथा उनसे उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सरस महोत्सव के द्वितीय दिवस के अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाएं आज प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला बन रही हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें ‘लखपति दीदी’ बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि 10 दिवसीय सरस मेले में गरीबो के जीवन में ख़ुशहाली लाने ,उनकी आर्थिक संवृद्घि हेतु एवं महिलाओं के सशक्तिकरण तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से समूह की दीदियो के द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री तथा उनके उत्पादों की पहचान हेतु स्टाल लगाए गये हैं इसलिये आप सभी लोग कुछ समानों की खरीदारी अवश्य करे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है। जो महिलाएं पहले घर की चाहरदीवारी तक सीमित रहती थीं, आज वे अपने परिश्रम और उद्यमिता से परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांव और समाज में सम्मान प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन समूहों से जुड़ने के बाद महिलाओं की सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ी है और उन्हें परिवार तथा समाज में पहले से अधिक सम्मान मिल रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 तक उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की संख्या को 1करोड 10 लाख से बढ़ाकर 3 करोड़ तक पहुंचाना है। साथ ही प्रदेश में एक करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाना है। उन्होंने कहा कि देश के यशश्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में छह करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का संकल्प लिया गया है, जिसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आज कपड़ा निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, कैंटीन संचालन, परिवहन तथा अन्य कई प्रकार के उद्यमों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ा रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है और महिलाएं परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं केवल छोटे स्तर तक ही सीमित न रहें, बल्कि उन्हें उद्योग, उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाया जाए। सरस महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से इन महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होती है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में हुए व्यापक सुधार के कारण महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिला है। अपराधियों और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई के चलते महिलाएं निर्भय होकर आगे बढ़ रही हैं और अपने उद्यमों को विकसित कर रही हैं।
सरकार के सहयोग से ये महिलाएं तेजी से “लखपति दीदी” बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि समाज में उनका सम्मान और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं केवल छोटे स्तर तक ही सीमित न रहें, बल्कि उन्हें उद्योग, उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाया जाए। सरस महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से इन महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होती है।
जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र भी सशक्त होगा।
उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया कि वे सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए बिना किसी भेदभाव के कार्य कर रही है और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण का संकल्प लिया गया है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और सरकार उनके हर कदम पर सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने सभी से आह्वान किया कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की इस मुहिम को और मजबूत बनाने के लिए सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा प्रदेश को विकास के नए शिखर पर पहुंचाने में सहभागी बनें।
उपमुख्यमंत्री द्वारा 637 स्वयं सहायता समूहों को रिवाल्विंग फंड के रूप में एक करोड़ 91 लाख रुपए एवं 1020 स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक निवेश निधि के रूप में 15 करोड़ 30 लाख रुपए का डेमो चेक प्रदान किया गया। उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि परेड ग्राउंड में लगे सरस मेले में देश के आठ अन्य प्रदेशों की महिलाओं के स्टाल, प्रदेश के 38 जनपदों के स्टॉल एवं प्रयागराज के 40 स्टालों पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा मेले के प्रथम दिन लगभग 14 लाख रुपए की बिक्री की गई।
इस अवसर पर क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा दिलीप पटेल,सांसद फूलपुर प्रवीण पटेल, सांसद भदोही विनोद कुमार बिंद, महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वी. के. सिंह ,विधान परिषद के सदस्य डॉ. के. पी. श्रीवास्तव, सुरेंद्र चौधरी, विधायक फाफामऊ गुरु प्रसाद मौर्य, विधायक शहर उत्तरी हर्षवर्धन वाजपेयी, विधायक फूलपुर दीपक पटेल, विधायक करछना पीयूष रंजन निषाद ,विधायक कोराव राजमणि कोल,विधायक चायल पूजा पाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता ,भाजपा यमुनापार अध्यक्ष राजेश शुक्ल, गंगापार अध्यक्ष निर्मला पासवान, पूर्व सांसद प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी, केसरी देवी पटेल, पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी सहित अन्य माननीय जनप्रतिनिधियों के अलावा मिशन निदेशक ग्रामीण आजीविका मिशन दीपा रंजन, सीडीओ हर्षिका सिंह एवं अन्य गणमान्यजन की गरिमामयी उपस्थिति रही।

