प्रयागराज में राष्ट्रीय परशुराम सेना ने अपमान का आरोप लगाया, कार्रवाई की मांग
प्रयागराज (राजेश सिंह)। उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक कथित विवादित प्रश्न को लेकर रविवार को प्रयागराज में ब्राह्मण समाज ने विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय परशुराम सेना के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में संगठन के पदाधिकारियों और ब्राह्मण समाज के कई लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि परीक्षा के एक प्रश्न के उत्तर विकल्प में 'पंडित' शब्द का प्रयोग किया गया है, जो ब्राह्मण समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उनका कहना है कि जिस संदर्भ में यह शब्द इस्तेमाल किया गया, वह समाज का अपमान है। इसी मुद्दे पर संगठन के कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय परशुराम सेना से जुड़े लोगों ने सरकार और संबंधित भर्ती संस्था से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में ऐसी गलती गंभीर है और इससे समाज में आक्रोश है।
राष्ट्रीय परशुराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित विमल तिवारी ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक प्रश्न का नहीं, बल्कि समाज की गरिमा से जुड़ा है। उन्होंने जोर दिया कि ब्राह्मण समाज ने हमेशा देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसलिए किसी भी परीक्षा या मंच पर ऐसी भाषा का प्रयोग अस्वीकार्य है।
तिवारी ने बताया कि संगठन फिलहाल शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात सरकार तक पहुंचा रहा है। उन्होंने मांग की कि इस प्रश्न को परीक्षा से हटाया जाए और जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही से यह प्रश्न शामिल हुआ है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो ब्राह्मण समाज और संगठन के कार्यकर्ता उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। प्रशासन फिलहाल स्थिति पर नजर रखे हुए है और विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
