नई दिल्ली। महायुद्ध 40 दिन तक चला। पूरा मिडिल ईस्ट बर्बाद होता रहा, तबाह होता रहा और हर तरफ बारूदी गंध फैली नजर आई। लेकिन इस बीच बहुत बड़ा दावा पाकिस्तान की तरफ से किया गया और वो दावा था मध्यस्थता को लेकर।
महायुद्ध में सीजफायर का ऐलान हुआ। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यहां पर यह उठ गया है क्या इजराइल का अगला टारगेट पाकिस्तान है? महायुद्ध 40 दिन तक चला। पूरा मिडिल ईस्ट बर्बाद होता रहा, तबाह होता रहा और हर तरफ बारूदी गंध फैली नजर आई। लेकिन इस बीच बहुत बड़ा दावा पाकिस्तान की तरफ से किया गया और वो दावा था मध्यस्थता को लेकर। डॉनल्ड ट्रंप ने पोस्ट भी किया। पाकिस्तान ने वहां क्रेडिट लेने की कोशिश की। लेकिन इस क्रेडिट की लड़ाई में पाकिस्तान को बहुत बड़ा झटका लगा है। दरअसल पाकिस्तान की तरफ से जो ऐलान किया गया था सीज फायर को लेकर उसमें यह भी दावा किया गया पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तरफ से कि यह सीज फायर लेबनान पर भी लागू होगा। दरअसल उनके शब्द कुछ यूं थे कि जितने भी एलआई हैं यूएस के और या फिर ईरान के उन हर मोर्चों पर कोई भी हमला नहीं किया जाएगा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस सीज फायर से फूले नहीं समा रहे थे। क्रेडिट लेने की होड़ में लड़े हुए थे, लगे हुए थे। इसी बीच उनको झटका दिया उनके सबसे बड़े दुश्मन यानी कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तरफ से। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के दावे को झुठलाते हुए, खारिज करते हुए, इंकार करते हुए उनको आईना दिखाते हुए बेंजामिन नेतन्याहू ने बता दिया कि इजराइल अपना ऑपरेशन लेबनान में बिल्कुल भी नहीं रोकेगा। यानी पाकिस्तान के पहले दावे पर ही गलत की मोहर यहां पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तरफ से लगा दी गई। इजराइल को पाकिस्तान ने आज तक भी एक देश के तौर पर मान्यता नहीं दी है। इजराइल के प्रधानमंत्री समेत तमाम नेताओं की तरफ से कई मौकों पर अलग-अलग मंचों पर ये कहा गया है कि उनका अगला टारगेट पाकिस्तान है। पाकिस्तान एक ऐसा मुस्लिम देश है जिसके पास न्यूक्लियर पावर है। न्यूक्लियर हथियार है।
ईरान न्यूक्लियर हथियार डेवलप कर रहा था। एनरच यूरेनियम 60% से 90% तक ले जाता। उससे पहले ही इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान को वहां पर पूरी तरह से बराबर कर दिया, समतल कर दिया। यह लगातार दावा किया जा रहा है और अब अगले काफी वक्त तक ईरान न्यूक्लियर पावर बनने की कोशिश में कामयाब नहीं हो पाएगा। यह माना जा रहा था। और उसके बाद ईरान के बाद पाकिस्तान इजराइल के लिए दूसरा बड़ा टारगेट था और ना सिर्फ इजराइल के लिए बल्कि अमेरिका के लिए भी एक थ्रेट के तौर पर पाकिस्तान हाल फिलहाल में उभरा है।
तुलसी गबार्ड यानी कि इंटेलिजेंस चीफ की तरफ से भी बात का जिक्र कुछ ही दिन पहले किया गया था कि पाकिस्तान की मिसाइल रेंज जो है वो थ्रेट हो सकती है और उसका परमाणु हथियार होना एक और बड़ा खतरा भी है। ऐसे में अब इजराइल का नेक्स्ट टारगेट जो है वो लॉक हो गया है। और डॉनल्ड ट्रंप भले इस बात का जिक्र कर रहे थे कि यह मध्यस्था हुई है। यहां पर सीज फायर किया गया है। लेकिन इजराइल ने साफ कर दिया कि वो अपना ऑपरेशन लेबनान में नहीं रोकेगा।