प्रयागराज (राजेश सिंह)। गोमाता की हत्या व गो-तस्करी रोकने के लिए फिर एक बार विहिप की गोरक्षा इकाई ने कमर कसी है। इसे लेकर काशी प्रांत के पदाधिकारियों की बैठक कीडगंज में हुई। इसमें गोरक्षा प्रांत मंत्री लाल मणि तिवारी ने कहा, किसी कीमत पर गो हत्या नहीं होने देंगे।
बकरीद पर चौकसी बरतने के लिए संगठन के कार्यकर्ताओं को सक्रियता बढ़ाने के लिए कहा है। पूरे प्रांत में गोरक्षक सचल दस्ते का गठन कर गोवंशजो की तस्करी व गोहत्या रोकने की रणनीति बनाई गई है। काशी प्रांत के प्रत्येक प्रखंड में 11-11 गोरक्षकों को सचल दस्ते में नामित किया गया है। ये सभी ग्राम स्तर पर टोली का निर्माण करेंगे।
जिले में कहीं भी गो हत्या व तस्करी की सूचना मिलने पर तत्काल एक दूसरे प्रखंड के कार्यकर्ता आपस में जानकारी साझा करेंगे और घटनास्थल पर एक साथ पहुंचेंगे। गोहत्या के लिए चर्चित स्थानों और गांवों पर विशेष नजर रखी जाएगी। यहां टोली बनाकर कार्यकर्ता भ्रमण करेंगे। केंद्रीय निर्णय के अनुसार बकरीद के पूर्व राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी जिलाधिकारी व पुलिस आयुक्त को दिया जाएगा।
गोरक्षा के प्रांत मंत्री का कहना है कि गाय कोई साधारण पशु नहीं बल्कि मां हैं। इनकी रक्षा के लिए स्वयं भगवान को पृथ्वी पर अवतार लेकर आना पड़ा। आज वही गोमाता बेसहारा होकर ठोकरें खा रही हैं। भारत में गाय चिंता का विषय है, जबकि विदेशों में गोमाता चिंतन का विषय बन चुकी हैं। विश्व हिंदू परिषद, गोरक्षा के प्रांत अध्यक्ष भोला नाथ ने कहा, रोजगारयुक्त नौजवान, कर्ज मुक्त किसान, स्वस्थ भारत व समर्थ भारत की परिकल्पना के साथ गोरक्षा अभियान को तेज किया जाएगा।
बैठक में गोशालाओं के निर्माण, जैविक कृषि, किसान सम्मेलन आदि पर बल दिया गया। इस दौरान नवीन, वीरेंद्र जायसवाल, सुशील चतुर्वेदी, विष्णुकांत, अशोक मिश्र, लवलेश बजरंगी, शशि मिश्रा, विनय, विष्णु दुबे, चंद्रशेखर साहू, विजय पांडेय, श्याम आदि मौजूद रहे।
