रॉयटर, यरुशलम। इजरायल और हिजबुल्ला लड़ाकों के बीच लड़ाई खत्म करने के लिए कई दिनों तक चली बातचीत के बाद शुक्रवार को वाशिंगटन में इजरायल और लेबनान ने शांति समझौते की रूपरेखा पर हस्ताक्षर किए।
इसे इजरायल और हिजबुल्ला के बीच शांति की दिशा में पहला कदम बताया जा रहा है। अमेरिका की मध्यस्थता में शांति समझौते के लिए कई दिनों से इजरायल और लेबनान की बातचीत चल रही है।
अमेरिका में लेबनान की राजदूत नाडा हमादेह मोवाद और उनके इजरायली समकक्ष येचियल लाइटर ने वाशिंगटन स्थित विदेश मंत्रालय में अमेरिका के साथ इस त्रिपक्षीय दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि आज हमने एक ऐसे सफर की शुरुआत की है, जो निस्संदेह मुश्किल होगा। लेकिन, यह एक महत्वपूर्ण और जरूरी सफर है। लाइटर ने "शेरनी" की तरह बातचीत करने के लिए हमादेह की प्रशंसा की।
अधिकारियों ने फ्रेमवर्क डील की जानकारी नहीं दी और यह भी नहीं बताया कि इसकी शर्तें 16 अप्रैल के संघर्ष विराम समझौते से कैसे अलग होंगी।
एपी के अनुसार, हमादेह ने कहा कि यह फ्रेमवर्क लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बहाल करने, लड़ाई को हमेशा के लिए खत्म करने और सभी लेबनानी लोगों को शांति, सुरक्षा और खुशहाली के साथ रहने का मौका देने की दिशा में पहला कदम है। लाइटर ने कहा कि इस रूपरेखा का अंतिम लक्ष्य दोनों देशों के बीच शांति है।
हिजबुल्ला के निरस्त्रीकरण तक इजरायल दक्षिणी लेबनान में बना रहेगा: नेतन्याहू
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि हिजबुल्ला के निरस्त्रीकरण तक इजरायल दक्षिणी लेबनान में बना रहेगा, यह घोषणा वाशिंगटन में संयुक्त राज्य अमेरिका और लेबनान के साथ एक ढांचागत समझौते की घोषणा के तुरंत बाद की गई।
नेतन्याहू ने आगे कहा कि इजरायल की सेना लेबनानी सेना को "दो प्रायोगिक क्षेत्रों" में क्षेत्र पर नियंत्रण रखने की अनुमति भी देगी, एक लेबनान की लिटानी नदी के दक्षिण में और दूसरा इसके उत्तर में।
