मांडा, प्रयागराज (शशिभूषण द्विवेदी)। गंगा घाट पर चल रहे पत्थर पिचिंग के लिए डंपर से आ रहा ओवरलोड पत्थर गंगा घाट पर पहुंचते ही अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि डंपर गंगा में जाने से बच गया, अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी।
मांडा क्षेत्र के डेंगुरपुर गंगा घाट पर इन दिनों पिछले तीन महीने से गंगा का कटान रोकने के लिए जियो टेक्सटाइल ट्यूब और पत्थर पीचिंग का काम चल रहा है। शनिवार को एक डंपर पर पीचिंग के लिए पत्थर गंगा घाट पर आया , लेकिन डंपर ओवरलोड होने के कारण गंगा घाट पर ही पलट गया। अचानक डंपर पलटते ही घाट पर काम करने वाले मजदूरों में अफरातफरी मच गई। यदि डंपर गंगा के 50 फिट गहरे खाईं में जाता ,तो काम करने वाले कुछ मजदूर और डंपर चालक खलासी भी डंपर के साथ गंगा के गहरे पानी में डूबे सकते थे। 22 अप्रैल 2026 को फोन से बात करते इसी गंगा घाट पर काम करने वाले एक मजदूर अवधराम 32 वर्ष की गंगा के 50 फिट गहरे पानी में गिर जाने से डूबकर मौत हो चुकी है। घाट पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डंपर पर ओवरलोड पत्थर लदे होने के कारण घाट के उबड़-खाबड़ जमीन पर अनियंत्रित होकर डंपर पलट गया।
