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प्रयागराज: आईटीआई नैनी के प्रिंसिपल, अनुदेशक व सॉल्वर सहित 11 गिरफ्तार, जानें मामला

SV News

संस्थान में चल रहा रहा नकल का तगड़ा नेटवर्क एसटीएफ ने तोड़ा

प्रयागराज (राजेश सिंह)। प्रयागराज। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) नैनी में आयोजित वार्षिक/अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा के सैद्धान्तिक विषय की Computer Based Test (CBT) परीक्षा में परीक्षार्थियों से पैसे लेकर परीक्षार्थियों के स्थान पर सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराई गई थी। इस मामले में परीक्षा में बैठने वाले सॉल्वर, संस्थान के प्रिंसिपल व अनुदेशक सहित 11 लोगों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ ने परीक्षार्थियों से पैसे लेकर मूल परीक्षार्थी के स्थान पर सॉल्वर बैठाकर सामूहिक नकल कराकर परीक्षा पास कराने वाले सॉल्वर गैंग के सक्रिय सदस्य शिवम कुमार, रणविजय सिंह, जय सिंह, जितेन्द्र पटेल, दिलीप कुमार पटेल तथा संस्थान के प्रिंसिपल अशोक कुमार, कार्यदेशक/परीक्षा प्रभारी रवि प्रकाश, अनुदेशक फूल प्रकाश, अनुदेशक धीरज कुमार शर्मा, अनुदेशक राजेश कुमार तथा अनुदेशक राजकुमार मौर्या को दबोचा।
एक आरोपित प्रतापगढ़ तो बाकी प्रयागराज के रहने वाले हैं। गिरफ्तार अभियुक्त अशोक कुमार (प्रधानाचार्य) ने पूछताछ पर बताया कि वह दिनांक 18 जून.2025 से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नैनी में कार्यरत है। जनपद के निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के परीक्षार्थियों की वार्षिक एवं फाइनल परीक्षा अखिल भारतीय सीबीटी दिनांक 11 जुलाई 2026 से 8 अगस्त तक तीन पालियों में चल रही है।
परीक्षा के सकुशल संपादन के लिए प्रिंसिपल द्वारा संस्थान के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर व्यवस्था की जाती है। इसके तहत राजकुमार अनुदेशक व रवि प्रकाश कार्यदेशक को सचल दल/प्रभारी परीक्षा बनाया गया। परीक्षा इनकी देखरेख में कक्ष निरीक्षक व परीक्षा प्रभारी से कराई जा रही है। अनुदेशक धीरज कुमार पूर्व में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नैनी में कार्यरत रहे हैं और वर्तमान में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बांदा में नियुक्त हैं।
एसटीएफ के अनुसार अनुदेशक धीरज कुमार के द्वारा दूरभाष से राजकुमार मौर्या, धीरज कुमार शर्मा, फूल प्रकाश, अनुदेशक सन्तोष कुमार सोनी से वार्ता कर परीक्षार्थियों से पैसा लेना व सॉल्वर भेजने की व्यवस्था मिलकर किया जाता है। परीक्षा समाप्त होने के बाद प्राप्त धनराशि का बंटवारा हम सभी लोगों द्वारा कर लिया जाता है।

गिरफ्तार आरोपित फूल प्रकाश ने पूछताछ में एसटीएफ को बताया कि वह लोग धीरज कुमार अनुदेशक पूर्व में आईटीआई नैनी में हम लोगों के साथ नियुक्त रहे हैं। उनके द्वारा अपने माध्यम से परीक्षार्थियों से पैसा लेकर उनके स्थान पर सॉल्वर बैठाना तय किया जाता है। प्रत्येक परीक्षार्थी से 4,000 रुपये के रेट से उनके द्वारा तय कर भेजा जाता है। हम लोग धीरज से उनके मोबाइल पर सम्पर्क रखते हैं। मेरे व राजकुमार मौर्या द्वारा परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों से पैसा संकलित कर प्रिंसिपल की जानकारी में रखा जाता है। इस कार्य में अनुदेशक धीरज भी सहयोग प्रदान करते हैं। यह कार्य हम लोग पूरी परीक्षा के दौरान करते हैं तथा परीक्षा समाप्त होने के बाद हम लोग सारा पैसा आपस में बाँट लेते है।

गिरफ्तार धीरज कुमार शर्मा ने पूंछताछ में बताया कि उसके द्वारा डॉटा फीडिंग व परीक्षार्थियों के सीटिंग प्लान को तैयार किया जाता है। सामूहिक नकल कराने, परीक्षार्थियों के स्थान पर सॉल्वर को बैठाने आदि कार्यों के संबंध में वह हमेशा धीरज से उनके मोबाइल नंबर पर वाट्सएप कॉल के माध्यम से सम्पर्क में रहता है। परीक्षा समाप्त होने के बाद पैसों का बंटवारा सभी सम्बन्धित को उनका हिस्सा दे दिया जाता है तथा उसका हिस्सा उसे मिल जाता है।

गिरफ्तार सॉल्वर शिवम कुमार, रणविजय सिंह, जय सिंह, जितेन्द्र पटेल, दिलीप कुमार पटेल ने पूछताछ में बताया गया कि धीरज अनुदेशक द्वारा जब कभी भी उन्हे बुलाया जाता है तो वह सभी लोग आते हैं। जिसके स्थान पर उन्हे परीक्षा देना होता है, उस परीक्षार्थी के प्रवेश पत्र की छायाप्रति देकर अलग लैब कमरे में बैठा दिया जाता है। हम लोग प्रवेश पत्र में अंकित रोल नम्बर को कम्प्यूटर में डालकर परीक्षार्थी की जन्मतिथि से लॉग इन कर सम्बन्धित परीक्षार्थी की परीक्षा देकर लॉग आउट कर देने पश्चात बाहर चले जाते हैं जिसके एवज में धीरज द्वारा उन्हे 500-500 रुपये दिये जाते हैं एसटीएफ आरोपित धीरज की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।

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