जौनपुर (राजेश सिंह)। बरसठी थाने में तैनात एक सिपाही ने शुक्रवार सुबह थाना परिसर स्थित आवासीय बैरक में सल्फास का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर साथी पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरसठी पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत अब खतरे से बाहर है।
मिर्जापुर जनपद के लालपुर गांव निवासी कांस्टेबल विवेक गौड़ पुत्र विनोद पिछले दो वर्ष से अधिक समय से बरसठी थाने में तैनात हैं। वह थाने में हेड मुहर्रिर (मुंशी) का कार्य देख रहे थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह ड्यूटी पर आने से पहले उनकी परिवार के लोगों से वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। इसके कुछ समय बाद वह आवासीय बैरक में पहुंचे और सल्फास घोलकर पी लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, साथी पुलिसकर्मियों ने उनके हाथ से सल्फास की कटोरी छीनने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वह कुछ मात्रा में विषाक्त पदार्थ निगल चुके थे। हालत बिगड़ते ही उन्हें तत्काल सीएचसी बरसठी ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी मड़ियाहूं विजय चौधरी और क्षेत्राधिकारी सदर परमानंद कुशवाहा अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने चिकित्सकों से सिपाही के स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर उपचार के निर्देश दिए।
प्रारंभिक जानकारी में घटना के पीछे पारिवारिक विवाद की आशंका जताई जा रही है। थाना परिसर में यह भी चर्चा रही कि सल्फास का सेवन करने से पहले कांस्टेबल ने सोशल मीडिया स्टेटस पर लिखा था, 'इस जीवन में कोई नहीं अपना, सब मतलब के हैं।' हालांकि पुलिस ने न तो पारिवारिक विवाद और न ही सोशल मीडिया स्टेटस की आधिकारिक पुष्टि की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
बरसठी थानाध्यक्ष जयप्रकाश यादव ने बताया कि समय रहते उपचार मिलने से कांस्टेबल की हालत खतरे से बाहर है। उनके परिजन अस्पताल पहुंच चुके हैं और चिकित्सकीय निगरानी में उपचार जारी है।
